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जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021: प्रधानाध्यापक नियुक्ति में अनुभव प्रमाणपत्र का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा

📰 प्रधानाध्यापक भर्ती में अनुभव प्रमाणपत्र पर संकट

प्रयागराज। जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021 के अंतर्गत प्रधानाध्यापक के 253 पदों पर हो रही नियुक्ति में अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर उठा विवाद अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है।
पीड़ित अभ्यर्थी ज्ञानवेन्द्र सिंह बंटी ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरी समस्या से अवगत कराया।


📌 क्या है पूरा मामला?

अभ्यर्थियों के अनुसार—

  • लगभग 99 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने
    वित्तविहीन विद्यालयों में 5 वर्ष या उससे अधिक समय तक
    सहायक अध्यापक के रूप में कार्य किया है

  • वे सभी प्रधानाध्यापक पद के लिए अनुभव की पात्रता रखते हैं

  • इस समय भर्ती प्रक्रिया के तहत
    काउंसिलिंग कराई जा रही है

लेकिन काउंसिलिंग के दौरान कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BEO) यह कहते हुए अनुभव प्रमाणपत्र निरस्त कर रहे हैं कि—

“जिस पद पर कार्य किया गया, उसके सापेक्ष अनुमोदन नहीं लिया गया था।”


🧾 यू-डायस पोर्टल पर मौजूद हैं नाम

अभ्यर्थियों का कहना है कि—

  • उनका नाम यू-डायस (UDISE) पोर्टल पर
    पांच साल या उससे अधिक समय से दर्ज है

  • यह स्वयं इस बात का प्रमाण है कि
    उन्होंने विद्यालय में नियमित रूप से शिक्षण कार्य किया है

  • सभी शैक्षणिक और अनुभव संबंधी योग्यता पूरी होने के बावजूद
    अनुभव प्रमाणपत्र पर संकट खड़ा किया जा रहा है


⚠️ आरटीई लागू होने के बाद कभी नहीं हुआ अनुमोदन

अभ्यर्थियों ने यह भी बताया कि—

  • उत्तर प्रदेश में जुलाई 2011 में
    शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू हुआ

  • बीते 14 वर्षों में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कभी भी अनुमोदन नहीं दिया गया

  • अब उसी आधार पर अभ्यर्थियों को परेशान किया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है


🤝 मुख्यमंत्री से मिली राहत की उम्मीद

ज्ञानवेन्द्र सिंह बंटी ने मुख्यमंत्री को बताया कि—

  • अनुभव प्रमाणपत्र निरस्त होने से
    सैकड़ों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा

  • यह भर्ती पहले से ही लंबे समय से लंबित है

इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है


👨‍🏫 अभ्यर्थियों की मांग

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें—

  • अनुभव प्रमाणपत्र को
    यू-डायस पोर्टल के आधार पर मान्य किया जाए

  • वित्तविहीन विद्यालयों में किए गए कार्य को
    वैध अनुभव माना जाए

  • काउंसिलिंग प्रक्रिया में
    अनावश्यक बाधा न डाली जाए


🟢 निष्कर्ष

जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021 में प्रधानाध्यापक नियुक्ति का यह मामला अब नीतिगत और प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि—

  • अनुभव प्रमाणपत्र से जुड़ा विवाद सुलझेगा

  • योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय होगा

  • भर्ती प्रक्रिया बिना बाधा पूरी की जा सकेगी

अब सभी की निगाहें सरकार के अगले निर्णय पर टिकी हैं।

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