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लखनऊ। प्रदेश में इस साल जाड़े की छुट्टियों में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में शिक्षकों का तबादला नहीं किया गया। इससे नाराज शिक्षकों ने प्रादेशिक स्थानांतरण समिति का गठन करते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन शुक्रवार से शुरू हो रहा है। शिक्षकों ने बताया कि विभाग ने पूर्व में जारी शासनादेश में कहा था कि वह गर्मी व जाड़े की छुट्टियों में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादला करेगा। इसके बाद भी इस जाड़े की छुट्टियों में कोई प्रक्रिया नहीं की गई जबकि शिक्षकों ने इसके लिए अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया गया था। ऐसे में अब उनके सामने विरोध-प्रदर्शन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। प्रादेशिक स्थानांतरण समिति के राजीव गौड़ ने बताया कि तबादले के लिए चरणबद्ध आंदोलन के तहत पहले चरण में शिक्षक 23 जनवरी को एक्स व फेसबुक के माध्यम से डिजिटल अभियान चलाएंगे। दूसरे चरण में संबंधित अधिकारियों से संवाद और ज्ञापन देंगे। इसके बाद भी मांग न पूरी हुई तो बेसिक शिक्षा मंत्री आवास व निदेशालय पर धरना दिया जाएगा।

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा कदम: LT Grade शिक्षक भर्ती पर मांगा गया 7466 पदों का पूरा ब्यौरा

प्रयागराज से आई एक अहम खबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में TET/CTET अर्हता को लेकर चल रहे विवाद पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस भर्ती में अधियाचित कुल 7,466 पदों का विस्तृत विवरण राज्य सरकार से तलब किया है।

यह आदेश जयहिंद यादव व अन्य द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया।


🔹 क्या है पूरा मामला?

याचिकाकर्ताओं ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में TET/CTET की अनिवार्यता को चुनौती दी है। उनका कहना है कि:

  • एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती

  • कक्षा 9 और 10 के शिक्षण कार्य के लिए है

  • जबकि TET/CTET मुख्यतः प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्तर से संबंधित पात्रता है

इस आधार पर भर्ती प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाया गया है।


🔹 कोर्ट में सरकार का पक्ष

सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि:

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती केवल कक्षा 9 और 10 के लिए की जा रही है।

इसके बावजूद कोर्ट ने यह जानना जरूरी समझा कि:

  • कुल कितने पद हैं

  • कौन-कौन से विषयों के पद शामिल हैं

  • भर्ती किस नियमावली के अंतर्गत की गई है


🔹 हाईकोर्ट का आदेश

✔️ राज्य सरकार से 7466 पदों का पूरा विवरण मांगा गया
✔️ भर्ती से संबंधित तथ्यों को रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश
✔️ मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय


🔹 क्यों महत्वपूर्ण है यह आदेश?

यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि:

✅ हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति इससे जुड़ी है
✅ TET/CTET की अनिवार्यता पर स्पष्टता आएगी
✅ भविष्य की शिक्षक भर्तियों के लिए दिशा तय होगी

यदि कोर्ट TET/CTET को अनिवार्य नहीं मानता है, तो इससे कई अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है।


🔹 अभ्यर्थियों के लिए क्या संकेत?

  • भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल कानूनी नजर बनी रहेगी

  • अंतिम निर्णय तक चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है

  • अभ्यर्थियों को कोर्ट के अगले आदेश का इंतजार करना होगा


🔹 निष्कर्ष

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 7466 पदों का विवरण तलब करना यह दर्शाता है कि कोर्ट इस मामले को गंभीरता से परखना चाहती है। आने वाली सुनवाई में LT Grade शिक्षक भर्ती की दिशा तय हो सकती है।

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