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UP Teacher Transfer News 2026: तबादला न होने से नाराज शिक्षक, चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

 

उत्तर प्रदेश में शिक्षक तबादला विवाद: आंदोलन की राह पर शिक्षक

लखनऊ से आई बड़ी खबर के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इस वर्ष जाड़े की छुट्टियों के दौरान शिक्षकों का तबादला न किए जाने से शिक्षक समुदाय में भारी नाराजगी है। विभागीय उदासीनता के विरोध में शिक्षकों ने प्रादेशिक स्थानांतरण समिति का गठन कर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है।

यह आंदोलन शुक्रवार से औपचारिक रूप से शुरू हो रहा है।


🔹 क्या है शिक्षकों की मुख्य मांग?

शिक्षकों का कहना है कि विभाग द्वारा पूर्व में जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया था कि:

  • गर्मी की छुट्टियों में

  • जाड़े की छुट्टियों में

👉 जिले के अंदर एवं एक जिले से दूसरे जिले में परस्पर तबादले किए जाएंगे।

इसके बावजूद:

  • इस बार जाड़े की छुट्टियों में

  • कोई भी स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू नहीं की गई

  • जबकि शिक्षकों ने पहले ही ज्ञापन सौंपे थे


🔹 क्यों बढ़ी नाराजगी?

शिक्षकों के अनुसार:

  • शासनादेश का पालन नहीं हुआ

  • विभाग ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया

  • लंबे समय से पारिवारिक व शैक्षिक समस्याओं से जूझ रहे शिक्षक ठगा महसूस कर रहे हैं

ऐसे में उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा


🔹 चरणबद्ध आंदोलन की पूरी योजना

प्रादेशिक स्थानांतरण समिति के पदाधिकारी राजीव गौड़ ने आंदोलन की रूपरेखा साझा की:

🟠 पहला चरण (23 जनवरी)

  • X (Twitter) और Facebook पर डिजिटल अभियान

  • तबादला नीति लागू करने की मांग

  • सरकार और विभाग को टैग कर विरोध

🟠 दूसरा चरण

  • संबंधित अधिकारियों से संवाद

  • जिला एवं मंडल स्तर पर ज्ञापन

🟠 तीसरा चरण (यदि मांग न मानी गई)

  • बेसिक शिक्षा मंत्री आवास पर धरना

  • निदेशालय पर विरोध प्रदर्शन


🔹 शिक्षकों का साफ संदेश

“जब शासनादेश मौजूद है, तो उसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा?”

शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक होगा।


🔹 आंदोलन का संभावित असर

✅ प्रदेश भर के शिक्षकों में एकजुटता
✅ तबादला नीति पर सरकार पर दबाव
✅ भविष्य में समयबद्ध स्थानांतरण की संभावना

यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन राज्यस्तरीय शिक्षक आंदोलन का रूप ले सकता है।


🔹 निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में शिक्षक तबादला नीति को लेकर असंतोष अब सड़कों और सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया इस आंदोलन की दिशा तय करेगी।

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