जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021: प्रधानाध्यापक नियुक्ति में अनुभव प्रमाणपत्र बना रोड़ा
प्रयागराज से आई ताजा खबर के अनुसार जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021 के तहत प्रधानाध्यापक के 253 पदों पर नियुक्ति से जुड़ा अनुभव प्रमाणपत्र का विवाद अब उच्च स्तर तक पहुंच गया है।
यह मामला अब अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामताराम पाल के समक्ष विचाराधीन है।🔹 क्या है पूरा मामला?
इस भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी ज्ञानवेन्द्र सिंह बंटी ने आरोप लगाया है कि:
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बीएसए (Basic Shiksha Adhikari)
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अनुमोदन (Approval) की आड़ में
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अनुभव प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहे हैं
जिसके कारण प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
🔹 मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
अभ्यर्थी ने:
📅 19 जनवरी
📍 लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात
कर अपनी समस्या सीधे रखी।
इसके बाद:
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मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कार्याधिकारी (OSD) एन.के.एस. चौहान
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ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए
🔹 AD Basic को दिए गए निर्देश
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर:
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बेसिक शिक्षा मंत्री प्रताप सिंह बघेल
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ने इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए
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अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) को
👉 नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
अब सभी की निगाहें AD Basic के निर्णय पर टिकी हैं।
🔹 क्यों अहम है यह विवाद?
✅ 253 प्रधानाध्यापक पदों की नियुक्ति इससे जुड़ी
✅ अनुभव प्रमाणपत्र न मिलने से चयन अटका
✅ अन्य अभ्यर्थियों पर भी इसका प्रभाव
✅ एडेड विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित
यदि समय पर समाधान नहीं हुआ, तो यह मामला बड़े कानूनी विवाद का रूप ले सकता है।
🔹 अभ्यर्थियों की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि:
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अनुभव प्रमाणपत्र नियमों के अनुसार जारी किया जाए
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अनुमोदन प्रक्रिया को नियुक्ति में बाधा न बनाया जाए
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चयन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए
🔹 निष्कर्ष
जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021 के अंतर्गत प्रधानाध्यापक नियुक्ति से जुड़ा यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर है। मुख्यमंत्री कार्यालय और शिक्षा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद की जा रही है कि अनुभव प्रमाणपत्र विवाद का शीघ्र समाधान निकलेगा और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।