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TET बिना शिक्षकों की पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक, पंजाब सरकार को नोटिस | Teacher Promotion Latest News

 

टीईटी के बिना पदोन्नति पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, सरकार को झटका

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास किए बिना शिक्षकों को मास्टर पद पर पदोन्नत किए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने ऐसी सभी पदोन्नतियों पर अंतरिम रोक लगा दी है और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है।

यह आदेश जस्टिस दीपिंदर सिंह नलवा ने होशियार सिंह व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इसे “अर्जेंट लिस्ट” में रखने के निर्देश भी दिए हैं।


🔹 कोर्ट का स्पष्ट निर्देश

हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि:

👉 जो शिक्षक टीईटी पास नहीं हैं, उनकी मास्टर पद पर आगे की कोई भी पदोन्नति अगली सुनवाई तक नहीं की जाएगी।

यह आदेश शिक्षक भर्ती व पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता और वैधानिक योग्यता सुनिश्चित करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।


🔹 याचिका में क्या कहा गया?

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास चतरथ ने अदालत को बताया कि:

  • पंजाब सरकार ने 14 सितंबर 2017 को एक सर्कुलर जारी किया

  • इसी सर्कुलर के आधार पर

  • 12 नवंबर 2025 और 24 दिसंबर 2025 को

  • कई शिक्षकों को टीईटी पास किए बिना मास्टर पद पर पदोन्नत कर दिया गया

यह न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसलों की भी अवहेलना है।


🔹 सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के ऐतिहासिक निर्णय
“अंजुमान बनाम महाराष्ट्र राज्य” का उल्लेख किया गया है।

इस फैसले में स्पष्ट कहा गया है कि:

  • टीईटी केवल नियुक्ति के लिए ही नहीं

  • बल्कि पदोन्नति के लिए भी अनिवार्य योग्यता है

अर्थात, बिना टीईटी किसी भी शिक्षक को उच्च पद पर पदोन्नत नहीं किया जा सकता।


🔹 RTE Act और NCTE नियमों के उल्लंघन का आरोप

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह मामला:

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
एनसीटीई की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना
संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 (समानता का अधिकार)

का खुला उल्लंघन है।


🔹 योग्य होने के बावजूद पदोन्नति से वंचित

याचिकाकर्ताओं ने बताया कि:

  • उन्होंने PSTET / TET पास किया है

  • उनके पास B.Ed और अन्य आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं हैं

इसके बावजूद उन्हें नजरअंदाज कर ऐसे शिक्षकों को पदोन्नति दी गई, जिन्होंने आज तक टीईटी या पीएसटीईटी क्वालीफाई नहीं किया


🔹 कोर्ट का अगला कदम

हाईकोर्ट ने:
✔️ पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है
✔️ मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई हेतु रखा है

अब इस केस का फैसला पूरे पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर की शिक्षक पदोन्नति नीतियों पर असर डाल सकता है।


🔹 निष्कर्ष

यह आदेश साफ संकेत देता है कि:

  • टीईटी से छूट के नाम पर मनमानी अब नहीं चलेगी

  • शिक्षक पदोन्नति में कानूनी योग्यता सर्वोपरि होगी

आने वाले समय में यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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