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📢 यूपी में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक विरोध जारी — एटा में बैठक और आंदोलन की रूपरेखा

 📍 एटा में टीईटी (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य करने के फैसले के खिलाफ टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के बैनर तले उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, महिला शिक्षक संघ और अन्य शिक्षण संगठनों की बैठक आयोजित हुई।

🧑‍🏫 इस बैठक में शिक्षक नेताओं ने निर्णय लिया कि:

  • टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में ट्विटर/ एक्स (X) पर विरोध अभियान चलाया जाएगा।

  • शिक्षक 23 से 25 फरवरी तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

  • 26 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा।

  • समस्या का समाधान नहीं होने पर दिल्ली की ओर मार्च (कूच) करने की चेतावनी भी दी गई है।


📊 विरोध का कारण

शिक्षक संघ का कहना है कि:

✔ टीईटी परीक्षा को अनुभवी और पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना अन्यायपूर्ण है।
✔ 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति/छूट नहीं दिए जाने से भय और असमंजस की स्थिति बनी है।
✔ शिक्षक मानते हैं कि सेवा अनुभव और प्रशिक्षण पहले से ही उनकी क्षमता साबित करता है, ऐसे में टीईटी अनिवार्यता उनकी नौकरी की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है।


📢 विरोध के मुख्य तरीके

शिक्षक संगठनों ने रैली और प्रदर्शन के अलावा कई लोगों तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए रणनीति बनाई है:

🟡 सोशल मीडिया पर हैशटैग अभियान (जैसे #JusticeForTeachers) चलाना।
🟡 काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करना
🟡 जिला मुख्यालयों पर धरना और ज्ञापन सौंपना
🟡 बड़े आंदोलन के लिए दिल्ली मार्च का एलान — अगर मांगें नहीं मानी गईं।


📌 क्यों यह मुद्दा बड़ा माना जा रहा है?

टीईटी अनिवार्यता की नीति का असर उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों पर पड़ेगा — खासकर उनके लिए जो पहले नियुक्त हुए थे और जिनके पास वर्षों का अनुभव है लेकिन टीईटी ना पास करने के कारण अब नया नियम उनके करियर में बाधा बना है।

शिक्षक संघों का कहना है कि बैक-डेट में नियम लागू करना अन्यायपूर्ण है और यह शिक्षक समुदाय की मानसिक, पेशेवर और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डाल रहा है।


📍 आगे क्या होने वाला है?

शिक्षक संघों ने अपने कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है — जिसमें सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर संघर्ष शामिल है। अगर सरकार ने टीईटी छूट या पुनर्विचार नहीं किया, तो संभावित है कि बड़े विरोध प्रदर्शन और मार्च आयोजित होंगे।

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