लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। राजधानी लखनऊ में बनाए गए 120 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा को निष्पक्ष,
पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।🔹 छात्राओं के लिए महिला कक्ष निरीक्षक अनिवार्य
परिषद के निर्देशों के अनुसार:
-
जिन परीक्षा कक्षों में छात्राएं परीक्षा देंगी,
👉 वहां महिला कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी अनिवार्य होगी -
छात्राओं की तलाशी केवल महिला स्टाफ द्वारा ही ली जाएगी
इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा के दौरान सुरक्षा और गरिमा बनाए रखना है।
🔹 मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के अनुसार:
❌ परीक्षार्थी
❌ कक्ष निरीक्षक
कोई भी व्यक्ति परीक्षा परिसर में:
-
मोबाइल फोन
-
कैलकुलेटर
-
स्मार्ट वॉच
-
अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
लेकर प्रवेश नहीं करेगा। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🔹 CCTV कैमरों में ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जरूरी
यूपी बोर्ड ने इस बार निगरानी व्यवस्था और कड़ी कर दी है:
-
स्ट्रांग रूम
-
परीक्षा कक्ष
-
अन्य महत्वपूर्ण स्थान
पर लगे CCTV कैमरों में वीडियो के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी।
📌 CCTV डेटा को परीक्षा समाप्त होने के बाद कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा।
🔹 उत्तर पुस्तिका और कक्ष से जुड़े निर्देश
परिषद ने परीक्षार्थियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
✔️ उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर अनुक्रमांक (रोल नंबर) लिखना अनिवार्य
✔️ कक्षा के ब्लैकबोर्ड/व्हाइटबोर्ड पर कुछ भी लिखने की अनुमति नहीं
✔️ प्रवेश पत्र और फोटो का सख्ती से मिलान किया जाएगा
🔹 बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा के दौरान:
🚫 किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक होगी
🚫 नियम उल्लंघन पर विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी
इससे परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बनी रहेगी।
🔹 प्रशासन की तैयारी पूरी
जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार:
“परिषद के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा।”
🔹 निष्कर्ष
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर:
-
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
-
नकल पर सख्त नियंत्रण
-
छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
दिया जा रहा है। ये निर्देश परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में अहम कदम हैं।