परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती में भी अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने की तैयारी है। शासन ने इस संबंध में परिवहन निगम मुख्यालय को पत्र भेजा है। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। यूपी सरकार ने पिछले साल पुलिस में भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी।
चार साल का कार्यकाल पूरा कर निकलने वाले अग्निवीरों में कुछ सेना में स्थायी कर दिए जाएंगे और बाकी को राज्य सरकारों में नौकरी के लिए प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। इसी कड़ी में शासन ने परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता के आधार पर अगली भर्तियों में आरक्षण देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती लिखित परीक्षा से कराता है। वर्तमान में 477 प्रवर्तन सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
आरक्षण पर सहमति: परिवहन विभाग ने शासन के इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। परिवहन आयुक्त और उनकी टीम ने यह भी देख लिया है कि इस आरक्षण को लागू करने के बाद मानक से अधिक आरक्षण तो नहीं हो रहा है। अग्निवीरों को प्रवर्तन सिपाही के तौर पर भर्ती करने से फायदा होगा। इनकी ट्रेनिंग का फायदा दूसरे प्रवर्तन सिपाहियों को भी मिलेगा।
2026 में ही निकलेगा अग्निवीरों का पहला बैच
अग्निवीर का पहला बैच वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। चार साल का कार्यकाल पूरा कर ये अग्निवीर इसी साल वर्ष 2026 में रिटायर होंगे। इनकी संख्या करीब 20000 है। इनको सेना में कड़ी ट्रेनिंग दी गई है।

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