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शिक्षामित्रों ने फूंकी कैबिनेट के आदेश की प्रतियां

शाहजहांपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सहायक शिक्षक पद पर समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षा मित्रों का गुस्सा प्रदेश मंत्रिमंडल की ओर से 10 हजार रुपये मासिक वेतन नियत किए जाने से फिर भड़क उठा।
समायोजित शिक्षक-शिक्षा मित्र संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को जिले की विभिन्न तहसीलों और ब्लॉकों से मुख्यालय पर पहुंचे शिक्षामित्रों ने गांधी भवन परिसर में कैबिनेट के आदेश की प्रतियां फूंककर वहीं पर धरना दिया।

इस मौके पर शिक्षा मित्रों की सभा में संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कैबिनेट के आदेश के विरोध में बृहस्पतिवार से जेल भरो आंदोलन छेड़ देने का ऐलान किया। इस अवसर पर मोर्चा के संयोजक रत्नाकर दीक्षित और यदवीर सिंह ने कहा कि सरकार से उम्मीद थी कि शिक्षा अनुदेशकों के समतुल्य मानदेय पर विचार होगा, लेकिन कैबिनेट के फैसले से शिक्षा मित्रों के लिए बुधवार का दिन काला दिवस साबित हुआ। जिला महामंत्री रामपूत पाल ने कहा कि शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ बने हुए हैं। तमाम स्कूलों में शिक्षण कार्य केवल उन्हीं पर निर्भर है। इसके बावजूद वेतन में इतनी असमानता सरकार के पक्षपातपूर्ण रवैये का प्रमाण है। उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग दोहराते हुए कहा कि 10 हजार रुपये मानदेय का आदेश तत्काल वापस लिया जाए। तय किया गया कि सरकार का अड़ियल रुख बरकरार रहा तो सारे शिक्षा मित्र बृहस्पतिवार से जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे। इसके लिए संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने जिले के शिक्षा मित्रों से गुरुवार को सुबह गांधी भवन परिसर में इकट्ठा होने का अनुरोध किया। सभा में शिक्षा प्रेरकों पर बीते दिन लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान हुए लाठी चार्ज को सरकारी दमन की पराकाष्ठा बताते हुए कड़ी निंदा की गई।
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