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सम्मानित शिक्षक बोले शिक्षा को देंगे नया आयाम:राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में दिखा जज्बा, छात्र कल्याण और शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने का लिया संकल्प

लखनऊ: शिक्षण सिर्फ पेशा नहीं बल्कि समाज के बेहतर कल का निर्माण करने का माध्यम है। ईमानदारी और कर्तव्यों के प्रति सजग शिक्षक, छात्र को नई दिशा दे सकते हैं।
बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसी भावना से काम करने वाले शिक्षकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया। लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मान पाकर शिक्षकों के इरादों को मानो पंख से लग गए। वे नए संकल्पों के साथ शिक्षा को नया आयाम देना चाह रहे हैं। पेश है रिपोर्ट..कॉमर्स और प्रबंधन शिक्षा को शिखर पर पहुंचाना1तेजी से बदलते हुए दौर में कॉमर्स और प्रबंधन की जानकारी विद्यार्थियों के लिए बेहद आवश्यक है। इससे वंचित रहकर तरक्की की परिकल्पना मुश्किल है। इसलिए इसे शिखर तक पहुंचाना होगा।1प्रो अरविंद कुमार, प्रोफेसर, वाणिज्य 1लखनऊ विश्वविद्यालय 1विद्यार्थियों को शिक्षा संग संस्कार देना मकसद1बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही संस्कारी भी बनाना होगा। मैं अपने व्यय पर जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करती हूं। उन्हें बेहतर कल देना मेरा दायित्व है।1पूर्णिमा श्रीवास्तव, सहायक अध्यापिका पू मा विद्यालय उत्तरधौना, चिनहट लखनऊ1विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्प पूरा करना1शिक्षण एक सौभाग्य का काम है। ऐसे में अवरोध आना स्वाभाविक है। लेकिन इससे विद्यार्थियों को प्रभावित नहीं होने देना है। परिस्थितियां कितनी भी विपरीत हो, हमें आगे बढ़ना होगा, इसी बात का ज्ञान अपने विद्यार्थियों को देना हमारा काम है।1डॉ हरि नारायण उपाध्याय, प्रधानाचार्य, एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज,लखनऊ

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