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दो शिक्षकों को स्वर्ग में वेतन दे रहा बेसिक शिक्षा विभाग

गोरखपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। सात माह पहले अलग-अलग दुर्घटना में दो शिक्षकों की मौत हो गई। बावजूद इसके विभाग शिक्षकों के बैंक खाते में हर महीने पूरा वेतन भुगतान करता रहा। एक गोपनीय शिकायत से मामला उजागर होने पर आनन-फानन में मई में वेतन रोका गया।
अब बीएसए और लेखाधिकारी अपना गला बचाने के लिए एक दूसरे के मत्थे जिम्मेदारी डाल रहे है।
मामला यह है कि कौड़ीराम ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मलाव द्वितीय में तैनात शिक्षक नवीन चंद मल्ल की सितम्बर-15 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद विभाग के अधिकारी और शिक्षक संगठन के नेता भी दुर्घटना स्थल पर पंहुच थे। सूत्रों के मुताबिक एक माह का वेतन रोका गया। उसके बाद विभाग द्वारा वेतन रेगुलर कर दिया गया। विभाग के लिपिकों व कुछ शिक्षक नेताओं की मिलीभगत से वेतन जारी होने का सिलसिला अप्रैल-16 तक चला। हालांकि शिक्षक की पत्नी भी एक परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक है।
वहीं कौड़ीराम ब्लाक के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनवापार के शिक्षक रामप्रकाश की मौत जुलाई-15 में हो गई। उनके परिजनों ने विभाग को समय से सूचना भी दे दी। सूत्रों के मुताबिक बीएसए दफ्तर ने एक माह का वेतन रोकने के बाद अगले माह फिर उसे रेगुलर कर दिया। इस मृतक शिक्षक के बैक खाते में भी हर महीने वेतन भेजने का सिलसिला अप्रैल तक जारी रहा। मई के पहले सप्ताह में मामला खुलने के बाद आनन-फानन में अप्रैल के वेतन बिल से शिक्षक  का वेतन रोका गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों मामलों में खण्ड शिक्षा अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में है।
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