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शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक वासुदेव के खिलाफ शीघ्र पूरी होने जा रही विजिलेंस जांच

प्रदेश के पूर्व बेसिक शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक / सभापति एवं वर्तमान में एमएलसी वासुदेव यादव के खिलाफ शासन के निर्देश पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की विजिलेंस जांच तेजी से आगे बढ़ गयी है।
पूरी संभावना है कि विजिलेंस मामले की रिपोर्टदिसम्बर के पहले हफ्ते तक तैयार करके शासन को भेज देगा उसके बाद शासन स्तर पर कार्रवाईशुरूहोगी।

विजिलेंस ने पूर्वनिदेशक के आय के बारे में पूरी जानकारी शिक्षा निदेशालय से ले लिया है।उसके बाद अब अन्य संपत्तियों का हिसाब भी लगाया जा रहा है जिससे कि कार्रवाईशीघ्र पूरी हो सके।शासन ने मामले की जांच करके रिपोर्ट एक हफ्ते में तलब किया था लेकिन समय अधिक लगने की वजह से संभावना है कि दिसम्बर के पहले हफ्ते तक पूर्व निदेशक की आय से अधिक संपत्ति जांच के मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी जायेगी।

विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार आय से अगर 10 फीसदी भी अधिक संपत्ति मिलती है तो एफआईआर प्रथम दृष्टया हो जाती है। वासुदेव यादव जब बेसिक शिक्षा निदेशक , माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं सभापति थे।उस दौरान उनके पास घोसणा में विशाल गौ शाला, हाईस्कूल-इण्टर कालेज, झूंसी में बीए, बीटीसी, बीएड सहित अन्य शिक्षण संस्थाएं है।

सूत्रों का कहना है कि इलाहाबाद, लखनऊसहित अन्य शहरों में भी भी मकान, प्लाट सहित अन्य संपत्तियां है।वह जांच के दौरान समाने आयेगी जबकि विजिलेंस की टीम ने श्री यादव के नौकरी के दौरान होने वाली आय जिसमें वेतन-भत्ते, एरियर सहित अन्य मद थे उसकी जांच पूरी हो गयी है।

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