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यूपी बोर्ड के मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंची जांच की आंच, एवार्ड ब्लैंक ओएमआर शीट सार्वजनिक होने का मामला

इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2018 की गोपनीय एवार्ड ब्लैंक ओएमआर शीट सार्वजनिक होने का मामला अब मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंच गया है। संबंधित मूल्यांकन केंद्र और वहां के उप नियंत्रक आदि से भी बोर्ड जवाब-तलब कर रहा है।
वहीं, चिह्न्ति किए गए परीक्षक अपना पक्ष बोर्ड अफसरों के रख चुके हैं, उनका कहना है कि रिकॉर्ड उन्होंने उजागर नहीं किए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि फिर ये अभिलेख सोशल मीडिया पर आए कैसे? 1यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम प्रतिशत सत्तर पार होने के बाद से ही रिजल्ट पर सवाल उठना शुरू हुए थे लेकिन, किसी के पास इसे चुनौती देने का वाजिब कारण नहीं था, उसी बीच उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों ने एवार्ड ब्लैंक ओएमआर शीट को सोशल मीडिया पर जारी कर दिया, जिसमें इकाई में अंक पाने वाले भी अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण हो गए थे। इसी के जरिए राजनीतिक दलों व शिक्षक नेताओं पर बोर्ड के परिणाम पर गंभीर सवाल खड़ा किए। बोर्ड ने गोपनीय अभिलेख सार्वजनिक होने को गंभीरता से लिया और ओएमआर शीट के नंबर के जरिए शिक्षकों को चिन्हित करके उनसे पूछा कि आखिर गोपनीय रिकॉर्ड कैसे बाहर आए। सूत्रों की मानें तो परीक्षकों ने रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से इन्कार किया है, बोर्ड प्रशासन यही नहीं रुका बल्कि जिन मूल्यांकन केंद्रों के ओएमआर सार्वजनिक हुए वहां के उप नियंत्रक व अन्य जिम्मेदारों से भी जवाब तलब किया गया है कि जब मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल आदि ले जाना प्रतिबंधित था तो स्क्रीन शॉट कैसे बाहर हो गए। यही नहीं वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। साथ ही कुछ जिलों से भी यह रिकॉर्ड सार्वजनिक होने पर जवाब मांगा जा रहा है। 1अफसरों की मानें तो सारे जवाब आने व कैमरों का रिकॉर्ड लेकर दोषियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

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