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शिक्षामित्रों को टीईटी से छूट देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र : जितेंद्र शाही

एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार शिक्षामित्रों के क्रमिक मानदेय बढ़ोतरी की सम्भावनाएं तलाश रही हैं। सोमवार को उपमुख्यमंत्री डॉ़ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में बनी कमिटी की बैठक हुई जिसमें शिक्षामित्र संगठनों को बुलाकर उनका भी पक्ष जाना गया। मॉनसून सत्र के बाद कुछ अहम घोषणाएं की जा सकती हैं।

डॉ़ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यमंत्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव बेसिक प्रभात कुमार, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा संजय अग्रवाल सहित वित्त और न्याय विभाग के भी अफसर मौजूद थे। बैठक में शिक्षामित्रों के साथ ही अंशकालिक अनुदेशकों, उर्दू अध्यापकों और बीएड-टीईटी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की बात भी कमिटी ने सुनी। सूत्रों के अनुसार शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने की संस्तुति को लेकर कमिटी का रुख काफी सकारात्मक है। यह भी मंशा है कि बढ़ती महंगाई के अनुसार सामान्य जीवन यापन के लिए जरूरी स्वाभाविक मानदेय बढ़ोतरी की व्यवस्था हो जाए। इसके लिए कुछ ऐसा फॉर्म्युला तलाशा जा रहा है जिसमें अंतर्गत एक निश्चित समयावधि के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय कुछ प्रतिशत तक स्वत: बढ़ने की व्यवस्था हो।
लिखित परीक्षा में ही जुड़ सकता है वेटेज!
ऊंचे कटऑफ के चलते सहायक शिक्षक भर्ती के पहले चरण में 68,500 पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा में मुश्किल से एक चौथाई शिक्षामित्र ही अगले चरण के लिए क्वॉलिफाई कर सके हैं। फिलहाल दूसरे चरण में आने वाली भर्ती में कटऑफ को खत्म करने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो विभाग शिक्षामित्रों के सुझाव पर इस बात पर भी विचार कर रहा है कि भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा में ही शिक्षामित्रों को दिए जाने वाला वेटेज जोड़ दिया जाए। शासन भर्तीं में प्रति सेवा वर्ष के 2.5 अंक और अधिकतम 25 अंक तक शिक्षामित्रों को वेटेज देने का आदेश पहले ही जारी कर चुका है।
शिक्षामित्रों की मांग टेट से मिले छूट
शिक्षामित्र संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कमिटी के समक्ष अपनी मांगें रखीं। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर असोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने बताया कि हमने अनुरोध किया है कि शिक्षामित्रों को टीईटी से छूट देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाए। साथ ही दूसरे राज्यों की तरह यहां भी मानदेय व स्थायीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। जितेंद्र ने कहा कि कमिटी ने सभी मांगों पर विचार करने को कहा है और यह भी आश्वस्त किया है कि किसी शिक्षामित्र को हटाया नहीं जाएगा।

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