याचियों का कहना था कि अभी चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में बीएलओ के रूप में उनकी ड्यूटी लगाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराना सही नहीं है। इस पर अदालत ने फिलहाल शिक्षकों की बीएलओ के तौर पर ड्यूटी लगाने पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार व अन्य पक्षकारों को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। इसके बाद याचियों को प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Social Media Link
Important Posts
Advertisement
शिक्षकों से बीएलओ ड्यूटी लेने पर हाईकोर्ट की रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा कानून (आरटीई एक्ट) के
प्रावधानों के मद्देनजर शिक्षकों की बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) के रूप में
ड्यूटी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा
है कि याची शिक्षकों की बीएलओ के रूप में ड्यूटी न लगाई जाए।
जस्टिस इरशाद अली ने यह आदेश रचना पांडेय व अन्य शिक्षकों की याचिका पर
दिया है। याचियों ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के लिए बीएलओ के रूप में
ड्यूटी रद्द करने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि एक्ट की धारा 27 कहती
है कि शिक्षकों की गैर शिक्षण कामों में ड्यूटी न लगाई जाए। उनकी ड्यूटी
जनगणना, आपदा राहत कार्य, नगर पालिका व विधानसभा या लोकसभा चुनावों से
संबंधित कार्यों के लिए ही लगाई जा सकती है।
याचियों का कहना था कि अभी चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में बीएलओ के रूप में उनकी ड्यूटी लगाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराना सही नहीं है। इस पर अदालत ने फिलहाल शिक्षकों की बीएलओ के तौर पर ड्यूटी लगाने पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार व अन्य पक्षकारों को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। इसके बाद याचियों को प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
याचियों का कहना था कि अभी चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में बीएलओ के रूप में उनकी ड्यूटी लगाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराना सही नहीं है। इस पर अदालत ने फिलहाल शिक्षकों की बीएलओ के तौर पर ड्यूटी लगाने पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार व अन्य पक्षकारों को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। इसके बाद याचियों को प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।