इलाहाबाद : यूपीपीएससी महत्वपूर्ण पदों पर होने वाली परीक्षाओं से भी
अभ्यर्थियों का मोह भंग हो रहा है। अफसर बनकर सपना पूरा करने की हसरत पाले
अभ्यर्थी यूपीपीएससी की परीक्षाएं छोड़ अन्य विभागों व राज्यों के आयोग से
होने वाली परीक्षाओं को तरजीह देने लगे हैं।
एसीएफ/आरएफओ मेंस 2017 में भी
अनिवार्य विषय की परीक्षा छोड़ने के अलावा अन्य विषय से भी 400 से अधिक
अभ्यर्थियों ने किनारा कर लिया, जबकि इससे पहले जून में पीसीएस 2017 की
मुख्य परीक्षा तीन हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ दी थी।1वन विभाग में
सहायक वन संरक्षक / क्षेत्रीय वन अधिकारी यानि एसीएफ / आरएफओ 2017 की मुख्य
परीक्षा इलाहाबाद व लखनऊ के केंद्रों में 10 सितंबर से हो रही है। कुल
2274 अभ्यर्थियों का इसमें पंजीयन है। इसमें पहले दिन अनिवार्य विषय की
परीक्षा से ही 13 फीसद अभ्यर्थी गायब रहे। दूसरे दिन तीन फीसद और
अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इन दोनों दिनों में 386 अभ्यर्थियों के
बाद अब तक हुई विभिन्न विषयों की परीक्षा भी 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने
छोड़ दी। परीक्षा 24 सितंबर तक होनी है। 1गौरतलब है कि इससे पहले 18 जून से
सात अगस्त 2018 तक हुई पीसीएस (मुख्य) परीक्षा 2017 भी अभ्यर्थियों को रास
नहीं आई थी। इसमें करीब 13 हजार अभ्यर्थियों का पंजीयन था। प्रारंभिक
परीक्षाएं कड़ी मेहनत से उत्तीर्ण करने के बाद कदम पीछे खींच लेने की बढ़
रही प्रवृत्ति पर कुछ पूर्व अधिकारियों और पूर्व सदस्यों की मानें तो
परीक्षा कार्यक्रमों के अनुसार यूपीपीएससी के क्रियान्वयन में लेटलतीफी
इसकी प्रमुख रूप से जिम्मेदार है।
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