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69000 मामले की सुनवाई के दौरान एक नया कारनामा आया सामने: पढें टीम सीतापुर और रिजवान टीम की कलम से आखिर क्या हुआ था

*एक और कारनामा चंद्रा का किसी गोपनीय दस्तावेज को एक मे चिपका दिया जिसका अपने तरफ विरोध हो रहा है!!*
 *सरकारी वकील चन्द्रा कुछ गोपनीय पेपर फाइल में लगा कर दिया जो चिपका हुआ था इस पर एडवोकेट उपेन्द्र नाथ मिश्रा जी कोर्ट से कहा इसी चोरी की बजह से सी बी आई जाँच का आर्डर हुआ था। सरकारी बकील धोखा देकर काम कराना चाहते हैं इसका जोर दार बिरोध कर रहे हैं उपेन्द्र नाथ मिश्रा जी एल पी मिश्रा जी आखिर क्यों पेज को चिपकाया गया किस लिए चिपकाया गया!!*                                               .
 *कोर्ट को चन्द्रा की फालतू बात सुनना ही नही चाहिये जिस जिस सवाल का जबाब कोर्ट ने उनसे मांगा था सिर्फ वही जबाब सुनकर फैसला दे देना !!*                            *अनुभाग 5 बे० शि० विभाग का है,जबकि आर्डर मे 4 लिखा था उस् प र अलग से पेज चिपकाकर 60/65 का आर्डर लिखा गया है!!*
*सरकार का नया कारनामा ,7 जनवरी के आर्डर मे फ्राड पकडा गया!!*
*डा एल पी मिश्रा सर ने जो प्रश्न पालिसी मैटर पर किया था उसी पर सरकार पेपर चिपकाकर लगायी थी जो फ्राड पकड़ा गया अब ईश्वर ही मालिक है!!*.                          👆👆👆👆👆👆👆👆👆👆👆  
                        *(SITAPUR TEAM)*





*बिग ब्रेकिंग.......*

सरकार का बड़ा फर्जीवाड़ा कोर्ट में हुआ उजागर.......
सरकारी वकील प्रशांत चंद्रा साहब बहस कर रहे थे कि जब चाहें तब और जितना चाहे उतना पासिंग मार्क लगा सकते हैं......
उपेंद्र मिश्र जी ने बोला कि आप कोई एक्सपर्ट नही है पासिंग मार्क केवल एक्सपर्ट ही निर्धारित कर सकता है
जिसपर चंद्रा साहब ने बोला कि 60 65 का पासिंग मार्क एक्सपर्ट कमेटी ने निर्धारित किया है और यहीं पर गलती कर गए वो....
क्योकि याचिका के कम्पाइलेशन में जिस पेज पर 7 जनवरी वाला शाशनदेश लगा है उसके पीछे एक पेज को गोंद से चिपकाकर फ़र्ज़ी कमेटी गठन की बात लिख दी गयी है जिस पर अधिकारियों के हस्ताक्षर भी हैं,
वह लेटर पूरी तरह फ़र्ज़ी है कोर्ट ने स्वयं बहुत ध्यान से देखा उसके बाद कोर्ट रूम में मौजूद सारे वकीलों को दिखाया गया जिस पर वह पूर्ण रूप से फ़र्ज़ी पाया गया तथा उस लेटर के आगे के सभी पेज की नम्बरिंग को काट कर नई नम्बरिंग कर दी गयी है
कोर्ट बहुत नाराज है।
हद हो गयी कुल मिलाकर जेल से बचने के लिए अब अधिकारी क्या गणित लगाते हैं देखने योग्य होगा।
इस विषय पर सरकार से लंच बाद जवाब तलब किया गया है......
नोट यह फर्जीवाड़ा अमित भदौरिया जी ने पहले ही पकड़ लिया था बस कोर्ट में दिखाने के लिए सही मौके की तलाश थी और आज सही समय पर वार किया गया।
शेष लंच बाद.......

*रिज़वान अंसारी*

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