Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

फर्जी दस्तावेज से बेसिक शिक्षक बनने वालों के खिलाफ नहीं हो सकी एफआईआर, बचे हैं महज 10 दिन

आगरा: परिषदीय स्कूलों में फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने वाले मंडल के तीन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर अब तक दर्ज नहीं कराई गई है। एसटीएफ, लखनऊ मुख्यालय की ओर से 30 मई को सूची जारी की गई थी। बेसिक शिक्षा निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को सूची में शामिल शिक्षकों के खिलाफ 30 जून तक एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई की एक प्रति ई-मेल के माध्यम से मांगी गई है। आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद के एक-एक शिक्षक सूची में शामिल हैं। 


228 शिक्षकों को किया गया था चिह्नित 
एसटीएफ की ओर से जांच में प्रदेश में कूटरचित, फर्जी व अनियमित शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले 228 शिक्षकों को चिह्नित किया गया था। इसके आधार पर 52 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, 176 के खिलाफ कार्रवाई की सूचना एसटीएफ मुख्यालय को नहीं दी गई है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने नाराजगी जाहिर की है, उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि संबंधित कार्रवाई न करके शिक्षकों को अतिरिक्त समय दे रहे हैं। इससे साक्ष्यों को मिटाए जाने की भी आशंका है। कार्रवाई न करने वाले 35 जिलों की सूची जारी की गई है। फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी करने वाले सर्वाधिक 25 शिक्षक देवरिया, 23 बस्ती, 15 सीतापुर, 12 श्रावस्ती, 10 आजमगढ़ में हैं।   

दिए गए ये निर्देश 
 मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) व बीएसए आगरा महेश चंद्र का कहना है कि उन्होंने आगरा के शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी को दे दिए हैं। शिक्षक अछनेरा ब्लाक के एक विद्यालय का है। वहीं, फिरोजाबाद और मथुरा के शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए संबंधित बीएसए को पत्र जारी कर दिया गया है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news