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तबादले में कई जिलों के अरमान 'शून्य', एक दर्जन जिलों के ग्रामीण क्षेत्र में सहायक अध्यापकों का नहीं हो सकेगा स्थानांतरण

 प्रयागराज: बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को उनके मनपसंद जिले में स्थानांतरण देने का अवसर तो दिया गया है, लेकिन करीब एक दर्जन जिलों के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में पद रिक्त नहीं होने से किसी का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। इन जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्त शिक्षक मनपसंद जिले में स्थानांतरण के लिए आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।


बेसिक शिक्षा परिषद ने अंतरजनपदीय तबादले के लिए जिलों के ग्रामीण और नगर क्षेत्र के रिक्त पदों की सूची जारी की है। इसमें वह स्पष्ट किया गया है कि किस जिले में कितने सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक स्थानांतरित होकर आ सकेंगे और इसी तरह जिले से कितने स्थानांतरित होकर अन्य जिले में जा सकेंगे। सूची के मुताबिक जिलों में "ग्रामीण क्षेत्र से स्थानांतरित होकर आने वाले प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों की संख्या 4531 है, जबकि जनपद से स्थानांतरित होकर जामे वाले प्रधानाध्यापकों के रिक्त पद 4603 हैं। इसी तरह स्थानांतरित होकर जिले में आने वाले सहायक अध्यापकों के रिक्त पद 22139 और जिले से स्थानांतरित होकर जाने वाले सहायक अध्यापकों के रिक्त पद 26223 हैं। सहायक अध्यापकों के मामले में स्थानांतरण पाकर बागपत, चित्रकूट, फिरोजाबाद,  गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़,  कन्नौज, कानपुर नगर, लखनऊ, मऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर आने वालों की चाह पूरी नहीं हो सकेगी, क्योंकि इन जिलों में कोई पद रिक्त नहीं हैं। इसके अलावा नगर क्षेत्र में कई जिलों में पद रिक्त न होने से न कोई आ सकेगा, न कोई जा सकेगा। अधिकांश जिलों में रिक्त पदों की संख्या इकाई में है।



अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आनलाइन आवेदन को जो रिक्त पद सरकार ने जिलावार निर्धारित किया है, उसे बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच लाख से अधिक शिक्षक हैं, ऐसे में रिक्त पदों में 20 प्रतिशत की और वृद्धि की जाए, ताकि अधिक से अधिक शिक्षकों को अपने जिले में जाने का मौका मिल सके.

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