Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

नौ साल में 12 लाख महिला शिक्षकों की नियुक्ति

 नई दिल्ली, देश में पिछले नौ साल में करीब 12 लाख अतिरिक्त महिला शिक्षक स्कूलों में नियुक्त हुईं हैं। इसके अलावा स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर कई मानकों में सुधार हुआ है। इसकी वजह से भारत में छात्रों का स्कूलिंग में समय बिताने का औसत बढ़ रहा है।




यह वर्ष 2013 में 11.81 वर्ष का था। अब यह बढ़कर 13.28 वर्ष तक पहुंच गया है। यानी अब छात्र ज्यादा समय तक स्कूलों में टिक रहे हैं और स्कूल से उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने का रुझान सकारात्मक है। अधिकारियों का कहना है कि हम यूनीक आईडी से छात्रों के मूवमेंट को ट्रैक करके एक वास्तविक डेटा बैंक तैयार करने का प्रयास रहे हैं जिससे यह पता चल सके कि छात्र कब और कहां पढ़ाई कर रहे हैं।




 इससे यह भी पता चलेगा कि छात्रों ने किस स्तर पर स्कूलिंग छोड़ी। करीब 18 करोड़ छात्रों का डेटा एकत्र किया गया था। इनमें से 11 करोड़ का सत्यापन किया गया। शिक्षा मंत्रालय द्वारा एकत्र डेटा यह भी बताता है कि पिछले दस सालों में प्रति छात्र खर्च 130 फीसदी बढ़ा है। इससे स्कूलों में नामांकन से लेकर अधारभूत ढांचे में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही जेंडर गैप भी कम हुआ है। कम्प्यूटर तक पहुंच का दायरा 24 फीसदी से बढ़कर 57 फीसदी से ज्यादा हो गया है। जबकि इंटरनेट सुविधा 7.3 फीसदी से बढ़कर 53.9 फीसदी तक पहुंच गई है। बिजली की उपलब्धता 53 से बढ़कर 91.8 फीसदी हुआ है। प्ले ग्राउंड 66 से बढ़कर 82 पहुंच गया है। सरकारी स्कूलों में छात्र साल में 79 व निजी स्कूलों में 87 अटेंडेंस रहती है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news