वर्ष 2024 में 12,460 शिक्षक भर्ती में करीब 1100 शिक्षकों को जिले में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती मिली थी। विभाग के द्वारा इन शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया था। पहले चरण में करीब 500 शिक्षकों के अभिलेखों के सत्यापन में 16 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए गए थे। संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजे गए मूल अभिलेखों की जांच में किसी का शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाण पत्र, तो
किसी का डीएलएड प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। नोटिस के बाद इन शिक्षकों को अप्रैल 2025 में बर्खास्त कर मुकदमा लिखवाया गया था। वहीं, दूसरे चरण में 600 शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन कराया गया था। इनमें भी 24 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी मिले थे। नोटिस देने के इन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद बर्खास्तगी व एफआइआर की कार्रवाई की गई थी। विभाग की ओर से एक बार फिर जांच में तेजी लाई गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने सभी 12,460 शिक्षक भर्ती के सभी शिक्षकों के दस्तावेजों की गोपनीय जांच करवाई
जिसमें एक बार फिर 13 शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। बीएसए ने इन सभी को नोटिस जारी की थी। इस मामले में कोई भी शिक्षक उचित स्पष्टीकरण नहीं दे सका था।
जिसके बाद सकरन ब्लॉक के छह, पिसवां ब्लॉक के तीन, हरगांव ब्लॉक के दो, मिश्रिख व बिसवां ब्लॉक में एक-एक शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से इन सभी पर एफआईआर दर्ज करवाने की कवायद जारी है। आगे भी फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।
12,460 शिक्षक भर्ती के तहत जिले में नौकरी पाने वाले शिक्षकों के दस्तावेजों की गोपनीय जांच करवाई गई। एक बार फिर 13 शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। सभी को बर्खास्त किया गया है। मुकदमा दर्ज करवाने की प्रक्रिया जारी है।
- अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें