शिक्षामित्रों की मानवता के आधार पर अगर ट्रेनिंग बचती है तो टेट देना होगा : हिमांशु राणा

 1 . समायोजन अवैध निर्णीत किया जाएगा चूंकि संवैधानिक अनुच्छेद 14 , 16 एवं 309 के विरुद्ध है जिसे बचाने के लिए हिन्दुस्तान के कानून को बदलना होगा और मा० न्यायालय को देश में कार्यरत समस्त संविदा कर्मियों को आमंत्रित करना होगा जिस पर हर एक समूह अनुच्छेद 142 को उपयोग करने को कहेगा और उमा देवी का आदेश कूड़ेदान की शोभा बढ़ाएगा |
2 . यद्यपि हमारे द्वारा ट्रेनिंग पर भी लिखित अभिलेख जमा किये गए हैं जिनमे न्याय के आधार पर उनको संज्ञान में लेने की बात की है फिर भी मानवता के आधार पर अगर ट्रेनिंग बचती है तो टेट देना होगा इन्हे जिसे आप फांसी भी के बराबर का दर्जा भी कह सकते हैं |
टेट उत्तीर्ण करने हेतु फिलहाल मा० न्यायालय परिषदीय विद्यालयों में यथा-स्थिति तीन से छह माह रख सकती है या इन्हे शिक्षामित्रों के पद पर वापस भेजकर समय दिया जाएगा |
एक बात का उल्लेख बहुत जरूरी है कि समस्त पक्ष मिठाई बाँट रहे हैं और बनता भी है लेकिन इनके विषय में कोर्ट ने ओपनली निर्णय न सुनाने का स्टैंड इसलिए लिया है क्यूंकि हाई-कोर्ट के आदेश के बाद पूरे प्रदेश में इनके द्वारा फैलाई गई अराजकता से मा० न्यायाधीश स्तबध थे और जिस दिन निर्णय आएगा उस दिन मा० न्यायाधीशों के कहने पर महाराज जी के द्वारा भी हाई-अलर्ट रखा जाएगा यूपी में |
अक्षरशः पढ़ लीजिये और संजो कर रख लीजिये इस पोस्ट को , भविष्य में काम आएगा |
हर हर महादेव
धन्यवाद
आपका_____हिमांशु राणा
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