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नए सत्र से लागू होगी नई शिक्षा नीति : जावड़ेकर, सबकी सहमति और सामाजिक न्याय पर आधारित होगी नई नीति

देश की नई शिक्षा नीति आगामी शिक्षण सत्र से लागू हो जाएगी। सबके सहयोग से बनने वाली यह नीति सामाजिक न्याय और गुणवत्तापरक शिक्षा सुनिश्चित करेगी। जिससे किसी की शिक्षा में आर्थिक तंगी आड़े न आए, और जो भी विद्यालय हों, वहां अच्छी शिक्षा मिले।
उक्त बातें मांडा स्थित लाल बहादुर शास्त्री सेवा निकेतन के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहीं।
उन्होंने कई राज्यों की बोर्ड परीक्षाओं में नकल किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। कहा कि वे खुद सरकारी स्कूल के छात्र रहे हैं। उस समय शिक्षा की ऐसी दुर्दशा नहीं थी। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को जननेता बताते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि उनके आहवान पर लोगों ने सोमवार का व्रत रहना शुरू कर दिया था। उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आहवान पर 1.20 करोड़ लोगों ने गैस की सब्सिडी छोड़ दी। एचआरडी मिनिस्टर ने मांडा में कौशल विकास केन्द्र खोले जाने की घोषणा भी की।
विशिष्ट अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल शास्त्री ने कहा कि जीवन में कुछ करना है तो लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लें। सेवा निकेतन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील शास्त्री ने कहा कि वे अपनी मां ललिता शास्त्री के सपनों को पूरा करने में जुटे हैं। इस मौके पर पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्रनाथ सिंह, हरि प्रसाद पांडेय, प्रधानाचार्य देवी शंकर मिश्र, पूर्व सांसद कमल चौधरी, मीरा शास्त्री, मंजू शास्त्री, आरएस वर्मा, इंद्रमणि सिंह, डॉ. एके सिंह, गिरजा शंकर तिवारी, आरएस वर्मा, रमेश श्रीवास्तव, सुशील सिंह आदि मौजूद थे।
समारोह में वाराणसी के गायक बाबुल श्रीवास्तव ने गीत संगीत की प्रस्तुति दी। इस दौरान शिक्षा प्रेरकों ने नियमितीकरण, 28 माह से रुके मानदेय दिए जाने का ज्ञापन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को दिया।मांडा स्थित लाल बहादुर शास्त्री सेवा निकेतन के स्वर्ण जयंती समारोह में बोलते मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर। जागरण


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