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शिक्षामित्रों पर सरकार सख्त, स्कूलों का मांगा ब्योरा

उन्नाव। समायोजन रद्द होने के विरोध में शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों पर सरकार ने शिकंजा कसा है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने बीएसए को शिक्षामित्रों की प्रतिदिन की हाजिरी के अलावा उनके स्कूलों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षामित्रों के प्रदर्शन से परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पिछले करीब डेढ़ माह सेे चौपट है। सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाने की जवाबदेही तय की है। विशेष सचिव देव प्रताप सिंह ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राजप्रताप सिंह को शिक्षामित्रों को वापस स्कूलों में पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों व शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारियों के साथ बातचीत से भी हल निकालने के लिए कहा है।


अपर मुख्य सचिव ने बीएसए को शिक्षामित्रों के स्कूलों की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराने के आदेश दिए हैं। प्रतिदिन की हाजिरी की रिपोर्ट भी तलब की है। बीएसए कार्यालय से शिक्षामित्रों की हाजिरी की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रभारी बीएसए नसरीम फारूकी ने बताया कि शासन से जो भी निर्देश मिले हैं, उन पर काम किया जा रहा है।

- विशेष सचिव ने शिक्षामित्रों के स्कूलों के मांगे फोटोग्राफ व वीडियोग्राफी, शिक्षामित्रों के प्रदर्शन से चौपट हो रही पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो


138 स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित
उन्नाव। शिक्षामित्रों के शिक्षण कार्य के बहिष्कार से प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लगभग पंगु है। जिले के 138 प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षक पद की जिम्मेदारी समायोजित शिक्षामित्र निभा रहे थे। शिक्षामित्रों के बहिष्कार से इन स्कूलों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। बीएसए ने शिक्षकों को संबद्ध कर इन स्कूलों में तालाबंदी रोकने की कोशिश की है। इसके अलावा 1040 स्कूल एकल हो गए हैं।
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