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नोटिस से बच रहे शिक्षकों पर प्रशासन सख्त

जागरण संवाददाता, उन्नाव: फर्जी डिग्री के दम पर परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बने बैठे बीएड डिग्री धारकों की मुश्किलें एसआईटी की जांच ने बढ़ा दी है। जिले में सामने आए शिक्षकों के नाम (सत्र 2004-05) के बाद बेसिक शिक्षा में हड़कंप मचा है। यहां खुद को बचाने की जुगत भी लगाई जा रही है।
प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई किए जाने का मूड बना लिया है। दोषी मिलने पर इनके कार्यकाल को शून्य माना जाएगा।
डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में सत्र 2004-05 बीएड डिग्री फर्जीवाड़ा सामने आते ही प्रकरण से जुड़े नामों को तलाशना एसआईटी ने शुरू किया था। उप्र बेसिक शिक्षा विभाग को अलर्ट करते हुए रिपोर्ट जुटाई गई। उन्नाव में सामने आए पांच शिक्षकों की बीएड डिग्री सत्र से जुड़ी मिली है। एसआईटी की जांच के आधार पर शिक्षकों को 20 नवंबर को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया गया। मंगलवार तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। यदि कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो आगे की कार्यवाही बेसिक शिक्षा विभाग तय करेगा। बीएसए ने बताया कि इसमें नवाबगंज, सफीपुर, बीघापुर सहित मियागंज और औरास ब्लाक के एक एक शिक्षक शामिल हैं। सामने आए शिक्षकों का पक्ष जानने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस के संदर्भ में अवगत करा दिया गया है। वह अपने-अपने ब्लाक से जुड़े शिक्षकों को नोटिस थमा दें।
सत्र 2004-05 बीएड डिग्री प्रकरण में कुल 21 शिक्षकों के नामों की सूची दी गई थी। जिले से पांच शिक्षक हैं। सभी को नोटिस जारी कर दिया गया है।

नसरीन फारूकी, प्रभारी बीएसए
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