Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

UPTET 72825 मौलिक नियुक्ति के लिए भी मनुहार, परिषदीय स्कूलों के प्रशिक्षुओं की आन्दोलन के बाद भी मांग पूरी नहीं, हाईकोर्ट में गुहार लगाने पर अफसरों को जारी हुआ निर्देश

बेसिक शिक्षा में इन दिनों अफसर नियमित कामकाज करने से भी कतरा रहे हैं। अभ्यर्थियों की नई नियुक्तियां करने में अफसरों का अड़ंगा लगाने का मामला खुल चुका है। जिन प्रशिक्षुओं की पूर्व के चयन में तैनाती हो चुकी है, उनका प्रोबेशन पीरियड पूरा होने के बाद मौलिक नियुक्ति तक नहीं दी गई है।
इसके लिए उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ा है। अब कोर्ट के निर्देश का अनुपालन होने का इंतजार किया जा रहा है। 1बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 के तहत 2016 में चयनित 803 अभ्यर्थियों को सूबे के 28 विभिन्न जिलों में तैनाती मिली। प्रशिक्षु शिक्षकों ने वहां छह माह का सैद्धांतिक व इतने ही दिन का क्रियात्मक प्रशिक्षण पूरा किया। इसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने प्रशिक्षु शिक्षक की लिखित परीक्षा कराकर उसका परिणाम भी जारी कर दिया।

नियमानुसार परिणाम घोषित होने के एक माह के अंदर प्रशिक्षु शिक्षकों को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त होना चाहिए लेकिन, कई माह बीतने के बाद भी उनकी किसी ने सुधि नहीं ली, बल्कि प्रशिक्षुओं को मौलिक नियुक्ति पाने की लड़ाई लड़नी पड़ी है। यह हाल तब है जब वह सारी अर्हताएं पूरी कर चुके हैं।1प्रशिक्षुओं ने परिषद मुख्यालय के सामने 25 दिन धरना और सात दिन अनशन किया। परिषद सचिव ने उसे खत्म कराया था लेकिन, उसके तीन माह में भी कोई निर्णय नहीं हुआ ऐसे में उन्हें फिर आंदोलन करना पड़ा। कई प्रशिक्षुओं की हालत बिगड़ने पर बेली अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
प्रशिक्षु शासन तक गुहार लगाने पहुंचे लेकिन, मौलिक नियुक्ति का आदेश नहीं हुआ। थक हारकर उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ा। अब कोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव को छह सप्ताह में नियुक्ति करने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी प्रशिक्षुओं को आदेश का अनुपालन होने में आशंका है, क्योंकि इसके पहले कोर्ट तमाम बिंदुओं पर निर्देश दे चुका है, अफसरों ने उनकी अनदेखी की है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news