जंगली इलाके और आवागमन के सुगम साधन विहीन इलाकों में तैनाती से नाराज शिक्षिकाओं ने सोमवार को डीएम, बीएसए और डायट प्राचार्य से मुलाकात कर तैनाती आदेश में संशोधन की मांग की।
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दुर्गम इलाके में तैनात कर दी गईं शिक्षिकाएं
सोनभद्र। प्रदेश में चल रही 12460 प्राथमिक-पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की कड़ी में जिले में कई शिक्षिकाओं को दुर्गम
इलाके में तैनात कर दिया गया है।
जंगली इलाके और आवागमन के सुगम साधन विहीन इलाकों में तैनाती से नाराज शिक्षिकाओं ने सोमवार को डीएम, बीएसए और डायट प्राचार्य से मुलाकात कर तैनाती आदेश में संशोधन की मांग की।
कमल शानू, पूजा कुमारी, सीमा, पूजा यादव, प्रीति यादव, रंजीता कुमारी, सीमा
आदि का कहना था कि महिलाओं को आवागमन वाले और सुरक्षित स्थानों में ही
तैनाती का प्रावधान है लेकिन यहां इसकी अनदेखी कर जंगल और दुर्गम इलाके में
स्थित विद्यालय में तैनाती दे दी गई है। कहा कि जहां जिला मुख्यालय से
60-65 किमी दूर तैनाती दी गई है। वहीं ऐसे जगह तैनाती मिली है, जहां सड़क
छोड़ने के बाद 30 से 40 किमी तक कोई साधन नहीं मिलता। शिक्षिकाओ का कहना था
कि उन्हें बीस किमी की दूरी में ऐसे विद्यालयों पर तैनाती दी जाए जो सडक़
से नजदीक हों। बताते चलें कि नगवां, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी, घोरावल, चोपन,
म्योरपुर के साथ ही राबर्ट्सगंज ब्लाक में कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां
पहुंचने के लिए निजी साधन का ही सहारा है।
जंगली इलाके और आवागमन के सुगम साधन विहीन इलाकों में तैनाती से नाराज शिक्षिकाओं ने सोमवार को डीएम, बीएसए और डायट प्राचार्य से मुलाकात कर तैनाती आदेश में संशोधन की मांग की।
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