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उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने कर्मचारियों के वेतन को लेकर दिया यह आदेश

 मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने गुरुवार को कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा के दौरान आश्वासन दिया कि उनकी वेतन विसंगति संबंधी समस्याएं जल्द दूर की

जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ उनकी अन्य मांगों पर भी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।



मुख्य सचिव ने लोकभवन स्थित कार्यालय में बैठक की। इसमें नर्सेज ,फार्मेसिस्ट ,लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट ,लेखाकारों की वेतन विसंगतियां दिसंबर के अंत तक दूर कराने का आश्वासन दिया। सिंचाई विभाग के नलकूप चालक, ट्यूबवेल टेक्नीशियन सभी नियमावलियां एक माह में जारी कराने पर सहमति बनी। स्थानीय निकायों की मांगों पर 10 दिन में प्रमुख सचिव नगर विकास के साथ बैठक करने की बात कही। इसके साथ ही उनकी वेतन विसंगतियों, पुनर्गठन एवं विनियमितीकरण पर अलग से बैठक का आश्वासन दिया। निष्क्रिय निगमों को बंद करके उनके कर्मचारियों को समायोजित करने की कार्यवाही चल रही है।

इसके साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को नियम को शिथिल करते हुए नियमित करने, विकास प्राधिकरण कर्मचारियों को 10 वर्ष की सेवा पर भी सेवानिवृत्ति का लाभ जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। यह भी बताया गया कि आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारियों की नियमावली बनाने की कार्यवाही प्रगति पर है। भत्तों को समाप्त किए जाने के संबंध में वे मुख्यमंत्री से बात करेंगे।


बैठक में अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल ,अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षक आराधना शुक्ला के साथ कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्र, महामंत्री शशि कुमार मिश्रा, सुरेश कुमार रावत अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, घनश्याम यादव महामंत्री राजकीय निगम कर्मचारी महासंघ व गिरीश कुमार मिश्रा महामंत्री रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद आदि शामिल हुए।

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