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नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के जरिये प्रदेश में खुली भर्तियों की राह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी मंजूरी

 लखनऊ : उप्र अधीनस्थ सेवा आयोग राज्य सरकार के अधीन सभी सरकारी विभागों व निगमों में ग्रुप-सी के पदों पर भर्ती के लिए अब द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली अपनाएगा।

परीक्षार्थियों की स्क्रीनिंग के लिए प्रथम स्तर पर केंद्र सरकार की ओर से घोषित नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) की ओर से आयोजित किये जाने वाले कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) के स्कोर के आधार पर शार्टलिस्ट किये गए अभ्यर्थियों के लिए आयोग की ओर से मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। जब तक नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन और उसकी ओर से सीईटी का आयोजन सुचारु तरीके से शुरू नहीं हो जाता, तब तक आयोग प्रारंभिक स्तर पर अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग के लिए प्रिलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट (पीईटी) आयोजित करेगा और उसके आधार पर शार्टलिस्ट किये गए अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा, कौशल परीक्षा व शारीरिक परीक्षा का आयोजन विभागीय जरूरतों और संबंधित सेवा नियमावलियों के अनुसार करेगा।



आयोग ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। इस सिलसिले में जल्द ही शासनादेश जारी किये जाने की संभावना है। गौरतलब है कि आयोग की ओर से ग्रुप-सी के पदों पर की जाने वाली विभिन्न भर्तियों में विभागीय पदों की सीमित संख्या के सापेक्ष लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लाखों में होती है। अभ्यर्थियों की इतनी बड़ी संख्या के लिए अलग-अलग परीक्षाएं कराने में आयोग को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।

बीते अगस्त में केंद्र सरकार ने ग्रुप-बी और सी के गैर राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के गठन और उसके माध्यम से सीईटी के आयोजन का फैसला किया था।

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