प्रदेश के 303 सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में लगभग तीन हजार शिक्षक कार्यरत हैं, जिनके विनियमतीकरण पर प्रतिमाह 28.95 करोड़ व्यय भार आएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुणेश अवस्थी के नेतृत्व में एक दल ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या व ब्रजेश पाठक से मिलकर अपना मांगपत्र दिया।
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बाधा : तीन हजार शिक्षकों का स्थायीकरण लटका
सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में पढ़ा रहे लगभग तीन हजार शिक्षकों को स्थाई करने का प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है। शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने चुनाव से पहले ही अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। पहले भेजी गई रिपोर्ट को शासन ने अस्पष्ट और अपूर्ण बता दिया था।
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