सभी को पहलुओं पर मुख्य सचिव को नीति निर्धारित कर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ की याचिका में सेवा प्रदाता एजेंसियों द्वारा दी जा रही मानव शक्ति सेवा के श्रमिकों को मिलने वाले मानदेय में विभिन्न विभागों में भारी अंतर को समाप्त करने व काम की निश्चित अवधि व अवकाश आदि सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की गई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा था कि सेवा शर्तों में एकरूपता कायम करने वाली नीति तैयार करते समय सुप्रीम कोर्ट के गुजरात मजदूर सभा केस के दिशा-निर्देशों को भी शामिल किया जाए। इसको लेकर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया है।
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संविदाकर्मियों की सेवा शर्तों पर हलफनामा दाखिल, फैसला सुरक्षित
प्रयागराज: सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग संविदाकर्मियों के वेतन, अवकाश, काम की अवधि, मानव शक्ति और माडल सेवा शर्तों को लेकर मुख्य सचिव ने हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। इसको पत्रावली पर रखते हुए कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ कर रही है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा तैयार कर पेश की गई नीति को पर्याप्त नहीं माना था और कहा था कि कई बिंदु छूट गए हैं।
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