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पांच फर्जी शिक्षकों को कार्यभार कराने के आरोपी प्रिंसिपल निलंबित

 पांच फर्जी शिक्षकों को कार्यभार कराने के आरोपी प्रिंसिपल निलंबित

वर्ष 2020 व उसके बाद के नियुक्ति पत्रों व प्रमाणपत्रों की जांच होगी 

लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सरिता तिवारी ने झांसी में पांच फर्जी शिक्षकों को कार्यभार कराने की आरोपी तीन अलग अलग राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही फर्जी शिक्षकों की धरपकड़ के लिए प्रदेश के सभी डीआईओएस को राजकीय इंटर कॉलेजों व राजकीय हाईस्कूल विद्यालयों में वर्ष 2016 के बाद हुई पुरुष, महिला शिक्षकों की नियुक्तियों के प्रपत्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 2016 से जारी ऑफलाइन नियुक्ति पत्रों की पुष्टि प्रयागराज स्थित निदेशालय से करने को कहा गया है। वहीं 23 अक्टूबर 2020 व उसके बाद नियुक्त सभी सहायक अध्यापकों, प्रवक्ताओं के नियुक्ति पत्रों व प्रमाणपत्रों के प्रपत्रों की जांच ऑनलाइन होगी। सभी नवनियुक्त सहायक अध्यापकों, प्रवक्ताओं का विवरण निर्धारित प्रारूप पर 25 अगस्त तक निदेशालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


अपर शिक्षा निदेशक  (राजकीय) केके गुप्ता के अनुसार झांसी जिले के राजकीय हाईस्कूल बम्हौरी सुहागी की प्रिंसिपल पूनम के साथ ही राजकीय हाईस्कूल वीरा की ऊषा पठवार व राजकीय हाईस्कूल खडौरा की प्रभारी प्रिंसिपल प्रीति सागर को निलंबित किया गया है। इनमें बम्हौरी सुहागी व वीरा के विद्यालय में एक-एक फर्जी शिक्षक ने कार्यभार ग्रहण किया था। वहीं राजकीय हाईस्कूल खडौरा में तीन फर्जी शिक्षक कार्य कर रहे थे।
प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी नियुक्ति पत्रों की जांच किए बगैर ही कार्यभार ग्रहण करा दिया। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक या उनके कार्यालय से इस संबंध में जानकारी भी नहीं की। पकड़े गए पांचों फर्जी शिक्षक आजमगढ़ के निवासी हैं और जुलाई में इन्होंने विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था।

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