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24 नवंबर का अवकाश 4 दिसम्बर को होने का कारण जानिए कि आखिर ऐसा क्यों हुआ

नई दिल्ली : श्री गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर अवकाश को लेकर विवाद हो गया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) ने केंद्र व राज्य सरकार पर श्री अकाल तख्त से मान्य तिथि 4 दिसंबर की जगह मूल नानकशाही कैलेंडर के आधार पर 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस की प्रतिबंधित छुंट्टी घोषित करने का आरोप लगाया है।

कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने एतराज जताते हुए इसमें संशोधन करने और प्रतिबंधित अवकाश की जगह राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र भी लिखा है। उनका कहना है कि श्री अकाल तख्त की ओर से मान्य संशोधित नानकशाही कैलेंडर के अनुसार गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस इस वर्ष 4 दिसंबर को है। कमेटी गुरु जी के शहीदी दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग कर रही है। सिखों की इस मांग को पूरा करने के बजाय सरकार ने गलत तिथि को प्रतिबंधित अवकाश की घोषणा की है। इससे सरकारी कर्मचारी शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। इसलिए सरकार को तुरंत अपनी भूल सुधारनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कमेटी की ओर से गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर 4 दिसंबर को गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब तक नगर कीर्तन निकाला जाएगा।
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