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शासन के पाले में प्रशिक्षु शिक्षकों का भविष्य : 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती Latest News

सिद्धार्थनगर : सूबे के 72 हजार शिक्षकों की भर्ती के तहत जिले में स्वीकृत पदों के सापेक्ष प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में चयन किया गया, पर 36 अभ्यर्थियों के बारे में तत्कालीन बीएसए ने जिला चयन समिति के सदस्यों ही नहीं, बतौर अध्यक्ष जिलाधिकारी से भी अनुमोदन ही नहीं लिया गया।
इनमें 19 प्रशिक्षुओं को मानदेय देने को कौन कहें, हाल में बस्ती जनपद के जीजीआइसी में हुई परीक्षा से भी वंचित कर दिया गया। इसके पीछे जांच लंबित होने का प्रमुख कारण बता रहे हैं। लिहाजा उनके नौकरी पर तलवार की धार तेज होती जा रही है।
प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में हड़बड़ी में गड़बड़ी या फिर दबाव का खूब खेल चला। बीते 25 फरवरी को 23 अभ्यर्थियों व 28 फरवरी को 12 अभ्यर्थियों का औपबंधिक पदस्थापन/नियुक्ति आदेश तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौशल किशोर की ओर से जारी किया गया। इसके बाद प्रशिक्षण दौरान उन्होंने ही एक मई के आदेश से पांच प्रशिक्षुओं का तैनात/पदस्थापन आदेश इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि आप की मौजूदगी में आप के समक्ष काउंस¨लग से संबंधित पुन: परीक्षण व अवलोकन किया गया व जांचोपरांत पंजिका में प्रविष्टि न होने व झूठी कूटरचित होने के क्रम में तैनाती नियुक्ति तिथि से निरस्त की जाती है। इस मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम में सहायक शिक्षा निदेशक व तत्कालीन प्रभारी बीएसए को सदस्य बनाया। जांच उपरांत पाया गया कि अनारक्षित महिला कला में 250 के सापेक्ष 253 का चयन, अनारक्षित महिला विज्ञान में भी 250 के सापेक्ष 252 का चयन किया गया। इसी जांच में कमेटी ने पाया कि शासनादेश के मुताबिक गठित चयन कमेटी से चयनोपरांत डीएम से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही चयन की कार्यवाही पूर्ण की जाए, पर तीसरे चरण की काउसं¨लग तक सभी सदस्यों व डीएम के हस्ताक्षर हैं, मगर 35 अभ्यर्थियों क चयन में पूर्व बीएसए ने चयन समिति के समक्ष विचारार्थ नहीं रखा गया तथा उस पर डीएम से अनुमोदन भी प्राप्त नहीं किया गया है। जांच के बाद बहाल होकर आए बीएसए कौशल किशोर ने विकास खंड नौगढ में ही प्रशिक्षण ले रहे 29 अन्य प्रशिक्षुओं को भी नोटिस थमा दिया। फिर क्या था। सभी प्रशिक्षु मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए और वहां से राज्य स्तरीय टीम से जांच कराने का निर्णय लिया। जांच टीम ने डायट बांसी पहुंचकर 35 प्रशिक्षुओं के मामले की जांच की। शासन स्तर से डीएम को पत्र भेजकर पुन: रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। डीएम ने रिपोर्ट भी भेज दिया है, पर अब तक राज्य स्तरीय कमेटी की ओर से कोई निर्णय न आने से हाल में 19 प्रशिक्षु शिक्षकों को बस्ती में संपन्न परीक्षा से वंचित करते हुए प्रवेश पत्र नहीं उपलब्ध कराया गया। इनमें पूजा पांडेय, शुभ्रा श्रीवास्तव, अमिता मिश्रा, माला पांडेय, निधि, सुषमा, शुभांगी, आरती द्धिवेदी, दीपिका राय, प्रीति शुक्ला, कल्पना, आंचल, ज्योति शर्मा, प्रियंका तिवारी, प्रांजलि द्धिवेदी, अलका तिवारी, मंजू ¨सह शामिल हैं।
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चयन के बाद जिले में 38 प्रशिक्षुओं का मामला जांच के दायरे में आ गया था। राज्य स्तरीय टीम की जांच के बाद पुन: जांच के लिए डीएम के पास पत्र आया, जिसके फलस्वरूप रिपोर्ट भेज भी दी गई है। अब तक कोई निर्णय न आने के कारण ही इन प्रशिक्षुओं को परीक्षा से विरत करते हुए प्रवेश पत्र नहीं दिया गया। भविष्य में कोई निर्णय आने की दिशा में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
एस.के. हुसेन

प्रभारी प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
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