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एलटी ग्रेड भर्ती प्रक्रिया पर डायरेक्टर हुए सख्त

LUCKNOW: प्रदेश के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए चल रही एलटी ग्रेड भर्ती प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर डायरेक्टर ने सख्त नाराजगी जाहिर की हैं। इतना ही नहीं इस मामले में सामने आए फर्जीवाड़े पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
डायरेक्टर ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले कैंडीडेट्स को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ व्यक्तिगत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शेष बचे शिक्षकों के नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश भी जारी किए गए है। इस मामले में बीते 13 मई को माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं उप शिक्षा निदेशकों की एक मीटिंग की थी। जिसमें उन्होंने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश जारी किए हैं।

व्यक्तिगत तौर पर दर्ज होगी एफआईआर
राजकीय विद्यालयों में 6646 खादी पदों पर एलटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें भर्ती मेरिट के आधार पर होनी थी, लिहाजा बड़ी संख्या में कैंडीडेट्स ने यूजी व बीएड की फर्जी डिग्री एवं डॉक्यूमेंट्स लगा दिए थे। मेरिट सूची में चयन के बाद जब इन डॉक्यूमेंट्स के वेरीफिकेशन कराया गया तो इन फर्जी डॉक्यूमेंट्स का खुलासा हुआ। इस पर शासन ने ऐसे कैंडीडेट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए थे। लखनऊ में तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक सुत्ता सिंह ने 123 फर्जी कैंडीडेट्स के खिलाफ वजीरगंज थाने में मामला दर्ज करा दी।
उसके बाद और भी फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वालों का खुलासा हुआ, उसकी सूची भी तैयार की गई। लेकिन तब से यह मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। बीते मंथ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में हुई जेडी व डीडीआर की समीक्षा बैठक के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने ऐसे कैंडीडेट्स के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसा सभी कैंडीडेट्स के आवेदनों को पूरी तरह से रद्द करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
अभी तक 1811 की हो सकी नियुक्ति
एलटी ग्रेड में कुल 6646 पदों पर भर्ती होनी है, लेकिन अब तक 1811 की नियुक्ति हो सकी है। जिस पर डायरेक्टर ने नाराजगी जाहिर की है। सूत्रों का कहना है कि डायरेक्टर खासकर लखनऊ की पूर्व जेडी रहे सुत्ता सिंह पर नाराज दिखे। उनका कहना था जब उनको खुद व्यक्तिगत तौर पर यूनिवर्सिटी जाकर वेरीफिकेशन कराने का ऑर्डर था। तभी इस प्रक्रिया में इतना समय कैसे लग गया। हालांकि लखनऊ सहित कई मंडल के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों ने बताया कि यूनिवर्सिटी से डॉक्यूमेंट्स के वेरीफिकेशन नहीं उपलब्ध होने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने निर्देश जारी किए हैं कि जिन कैंडीडेट्स के वेरीफिकेशन प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें तत्काल नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएं.
पूर्व जेडी ने एफआईआर दर्ज कराई है, इसकी कोई जानकारी मेरे पास नहीं है। मैने सौ कैंडीडेट्स का वेरीफिकेशन कराया है, जिसकी रिपोर्ट मुझे प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट देखकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फर्जी रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी।
दीप चंद्र, संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ
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