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शिक्षक हित की लड़ाई अब थमने वाली नहीं : सुरेश

जासं, इलाहाबाद : स्कूलों में संसाधन की कमी, शिक्षकों की घटती संख्या और जर्जर होते भवन। यह स्थिति चिंताजनक है। सरकार पूरी शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त कर निजी हाथों में देना चाहती है, जिसके खिलाफ हम संघर्षरत हैं। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने रविवार को अध्यापकों की बैठक में यह बातें कही।
कहा कि शिक्षकों को न नई पेंशन मिल रही है न ही पुरानी। यह भी कहा कि हमारे दबाव में सरकार ने नवीन पेंशन कटौती संबंधित हर मांग तो मान ली, लेकिन उसे लागू करने से बचना चाहती है। ऐसा होगा नहीं, शिक्षा व्यवस्था व शिक्षक हित की लड़ाई अब थमने वाली नहीं है।
शिक्षक विधायक ने वित्तविहीन शिक्षकों को उचित मानदेय मिलने, खेल के अध्यापकों को प्रवक्ता पदनाम से वंचित करने का पुरजोर विरोध किया। कहा कि शिक्षकों को पेंशन, चिकित्सा व आवासीय सुविधा दिलाने की लड़ाई छिड़ चुकी है। सरकार को हमारे आगे झुकना ही पड़ेगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ‘शर्मा गुट’ के प्रांतीय सदस्य डॉ. शैलेश पांडेय ने बोर्ड परीक्षा में शिक्षकों पर होने वाले हमले पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि शिक्षक परीक्षा रोकने के लिए मार भी खाता है और उसी के खिलाफ कार्रवाई की होती है। अबकी यह नीति नही चल पाएगी। वरिष्ठ नेता महेशदत्त शर्मा, रमेशदत्त शुक्ल, प्रेमकांत त्रिपाठी व अजय सिंह ने कहा कि शिक्षक नकलमुक्त परीक्षा कराने में पूरा सहयोग देंगे, लेकिन सरकार उन्हें सुरक्षा प्रदान करे। अध्यक्षता अनय प्रताप सिंह ने की। इस दौरान सविता मिश्र, अनुज पांडेय, जगदीश प्रसाद, इंद्रदेव पांडेय, डॉ. डीके सिंह ने विचार व्यक्त किए।

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