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साल के आखिरी महीने में थमी आयोग की रफ्तार, अब इन परीक्षाओं के रिजल्ट का आसार अगले साल ही

इलाहाबाद : पांच साल से रुके हुए परिणाम पांच महीने में जारी कर उप्र लोकसेवा आयोग ने जो तेजी दिखाई थी, 2017 के आखिरी महीने में वह गति कुंद पड़ गई है।
आयोग पर अब भी कई परिणामों का बोझ है, जबकि लोअर सबॉर्डिनेट-2015 पीसीएस (प्री.) परीक्षा-2017, अभियांत्रिकी और प्रवक्ता चयन के परिणाम ही तीन सप्ताह में बमुश्किल जारी होने की उम्मीद है।1आयोग ने इन महीनों में महाविद्यालय और राजकीय इंटर कालेजों में प्रवक्ता पद के सबसे अधिक परिणाम जारी किए। इसके अलावा एपीएस (सचिवालय) सामान्य/विशेष चयन परीक्षा-2010, सहायक अभियोजन अधिकारी यानी एपीओ-2015, उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2016 आदि बड़ी परीक्षाओं के परिणाम भी घोषित कर प्रतियोगी छात्रों की सराहना बटोरी। आयोग का भी दावा था कि बैकलॉग के अधिकांश रिजल्ट इस साल जारी कर दिए जाएंगे। दिसंबर का महीना आते-आते आयोग की यह रफ्तार धीमी पड़ गई और हालत यह हो गई है कि साल के इस आखिरी महीने के बचे तीन सप्ताह में आयोग से तीन बड़ी परीक्षाओं जिनमें लोअर सबॉर्डिनेट परीक्षा-2015, सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा और सम्मिलित अवर अभियंता परीक्षा-2013, पीसीएस प्री. परीक्षा 2017 के परिणाम भी जारी हो जाएं तो बड़ी बात होगी। संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक)-2014, सहायक वन संरक्षक (सामान्य चयन ) परीक्षा-2013, सहायक कुल सचिव परीक्षा-2014, आरओ/एआरओ (प्रारंभिक) परीक्षा 2016 सहित कई अन्य परीक्षाओं के परिणाम अभी लंबित ही हैं। उम्मीद लगाई जा रही थी कि इस साल यह परिणाम भी जारी होंगे लेकिन, आयोग के लिए यह संभव होता नहीं दिख रहा। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि विभिन्न विषयों में प्रवक्ता के 144 पदों पर चयन के लिए परिणाम रविवार से पहले जारी करने का पूरा प्रयास है। इसके अलावा लोअर सबॉर्डिनेट परीक्षा-2015 और पीसीएस प्री. परीक्षा 2017 के परिणाम भी दिसंबर में जारी कर देंगे।

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