1एसएससी ने जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्टिकल, मेकेनिकल एंड क्वांटिटी सर्वेइंग एंड कांट्रैक्ट) परीक्षा 2017 का विज्ञापन 21 अक्टूबर, 2017 को वेबसाइट पर जारी किया था। आयोग ने पैरा छह के अंतर्गत शैक्षिक अर्हता में दो बदलाव किए हैं। यह बदलाव जूनियर इंजीनियर (मेकेनिकल/इलेक्टिकल) इन क्वालिटी एश्योरेंस (नवल) के पद पर मांगी गई अर्हताओं में हुए हैं। आयोग की ओर से वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार जूनियर इंजीनियर्स (मेकेनिकल) ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस में पहले किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव या कार्यक्षेत्र में एश्योरेंस/क्वालिटी कंट्रोल प्रोडक्शन/मैरीन इंजीनियरिंग सिस्टम में मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग, जेनरेटर उपकरण, हाइड्रोलिक सिस्टम समेत अन्य अनुभव मांगे गए थे। अब इसमें बदलाव कर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव मांगा गया है। जूनियर इंजीनियर (इलेक्टिकल) क्वालिटी एश्योरेंस नवल में पूर्व में मांगी गई अर्हता में बदलाव कर अब किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इलेक्टिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या तीन वर्षीय डिप्लोमा और इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव मांगा गया है।
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जेई 2017 परीक्षा की अर्हता में एसएससी ने किए बदलाव
इलाहाबाद : एसएससी यानी कर्मचारी चयन आयोग ने जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्टिकल, मेकेनिकल एंड क्वांटिटी सर्वेइंग एंड कांट्रैक्ट) परीक्षा 2017 की अर्हता में बदलाव किया है। इसकी जानकारी आयोग ने अपनी वेबसाइट ी666.22ङ्घ.ल्ल्रङ्घ.्रल्ल पर उपलब्ध कराई है।
1एसएससी ने जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्टिकल, मेकेनिकल एंड क्वांटिटी सर्वेइंग एंड कांट्रैक्ट) परीक्षा 2017 का विज्ञापन 21 अक्टूबर, 2017 को वेबसाइट पर जारी किया था। आयोग ने पैरा छह के अंतर्गत शैक्षिक अर्हता में दो बदलाव किए हैं। यह बदलाव जूनियर इंजीनियर (मेकेनिकल/इलेक्टिकल) इन क्वालिटी एश्योरेंस (नवल) के पद पर मांगी गई अर्हताओं में हुए हैं। आयोग की ओर से वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार जूनियर इंजीनियर्स (मेकेनिकल) ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस में पहले किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव या कार्यक्षेत्र में एश्योरेंस/क्वालिटी कंट्रोल प्रोडक्शन/मैरीन इंजीनियरिंग सिस्टम में मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग, जेनरेटर उपकरण, हाइड्रोलिक सिस्टम समेत अन्य अनुभव मांगे गए थे। अब इसमें बदलाव कर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव मांगा गया है। जूनियर इंजीनियर (इलेक्टिकल) क्वालिटी एश्योरेंस नवल में पूर्व में मांगी गई अर्हता में बदलाव कर अब किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इलेक्टिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या तीन वर्षीय डिप्लोमा और इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव मांगा गया है।
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1एसएससी ने जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्टिकल, मेकेनिकल एंड क्वांटिटी सर्वेइंग एंड कांट्रैक्ट) परीक्षा 2017 का विज्ञापन 21 अक्टूबर, 2017 को वेबसाइट पर जारी किया था। आयोग ने पैरा छह के अंतर्गत शैक्षिक अर्हता में दो बदलाव किए हैं। यह बदलाव जूनियर इंजीनियर (मेकेनिकल/इलेक्टिकल) इन क्वालिटी एश्योरेंस (नवल) के पद पर मांगी गई अर्हताओं में हुए हैं। आयोग की ओर से वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार जूनियर इंजीनियर्स (मेकेनिकल) ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस में पहले किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव या कार्यक्षेत्र में एश्योरेंस/क्वालिटी कंट्रोल प्रोडक्शन/मैरीन इंजीनियरिंग सिस्टम में मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग, जेनरेटर उपकरण, हाइड्रोलिक सिस्टम समेत अन्य अनुभव मांगे गए थे। अब इसमें बदलाव कर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव मांगा गया है। जूनियर इंजीनियर (इलेक्टिकल) क्वालिटी एश्योरेंस नवल में पूर्व में मांगी गई अर्हता में बदलाव कर अब किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इलेक्टिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या तीन वर्षीय डिप्लोमा और इस क्षेत्र में दो साल का अनुभव मांगा गया है।
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