शिक्षामित्र कल से राजधानी में करेंगे हल्लाबोल, करेंगे सत्याग्रह
आन्दोलन की शुरुआत- समान काम, समान वेतन की मांग को लेकर बुलंद करेंगे अपनी
आवाज
शिक्षामित्र एक जून से लखनऊ में राज्य सरकार के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन
छेडेंगे। समयोजित शिक्षामित्रों का आरोप है कि समायोजन रद्द होने के बाद
500 से ज्यादा शिक्षामित्र आत्महत्या कर चुके हैं लेकिन सरकार उनकी कोई सुध
नहीं ले रही है।
शिक्षामित्रों की मांग है कि समान कार्य, समान वेतन का फैसला उन पर लागू
किया जाए और 38,000 रुपये प्रतिमाह दिया जाए। इस आंदोलन के लिए सभी
शिक्षामित्र संगठन एक बैनर तले आ गए हैं। प्रदेश संयोजन गाजी इमाम आला ने
बुधवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक कर आंदोलन की तैयारियों की
समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद 3 व 27 अगस्त,
2017 को संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी मांगे
सामने रखी थी। कई चक्रों की वार्ता के बाद सरकार ने शिक्षामित्रों से
प्रस्ताव मांगा था। सभी संगठनों ने 30 अगस्त को विभागीय अपर सचिव को यह
प्रस्ताव सौंप दिया था। मुख्यमंत्री ने इस पर विचार करने के लिए एक पांच
सदस्यीय कमेटी बनाई थी लेकिन कमेटी ने इस पर क्या निर्णय लिया, यह आज तक
सार्वजनिक नहीं हुआ है।
प्रदेश सह संयोजक अनिल कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश के 500 से ज्यादा
शिक्षामित्र आत्महत्या कर चुके हैं। भारत सरकार ने 10 अगस्त, 2017 को आरटीई
एक्ट में संशोधन कर दिया है। उसे यूपी में लागू किया जाए। शिक्षामित्रों
की मांग है कि संगठन की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का समान कार्य, समान
वेतन (38,000 रुपये वेतन) का आदेश उन पर लागू किया जाए।
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