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बेसिक शिक्षा परिषद के कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को क्यों न किया जाए बंद, शिक्षा निदेशक बेसिक ने अपनाया कड़ा रुख: छात्र संख्या 50 से भी कम वालों पर गिर सकती है गाज

इलाहाबाद : प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्रओं का नामांकन घटा है। इस पर शिक्षा निदेशक बेसिक ने कड़ा रुख अपनाया है और सभी बीएसए से इस संबंध में आख्या मांगी है। यह भी कहा गया है कि यदि इन विद्यालयों में छात्र संख्या 50 से भी कम है तो यह गंभीर लापरवाही है। ऐसे स्कूलों को बंद कराने के लिए क्यों न शासन को संस्तुति भेजी जाए।

प्रदेश के अनुदानित बेसिक स्कूलों में छात्र-छात्रओं की संख्या तेजी से घटी है। यह हाल किसी एक जिले या फिर कुछ जिलों का नहीं है, बल्कि प्रदेश के लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा, गोरखपुर सहित करीब 57 जिलों से ऐसी ही रिपोर्ट मिली है। कुछ स्कूलों में 50 से कम तो कई जगह पर करीब 70 बच्चे ही पढ़ रहे हैं। इस पर शासन ने असंतोष जताया है, क्योंकि इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के अनुपात में छात्र बेहद कम हो गए हैं। शिक्षा निदेशक की ओर से अपर शिक्षा निदेशक बेसिक रूबी सिंह ने इन जिलों से बीएसए से पूछा है कि ऐसे स्कूलों में सृजित पदों की संख्या, कार्यरत शिक्षकों का पूर्ण विवरण मसलन शिक्षक का नाम, नियुक्ति दिनांक, कार्यरत शिक्षकों की संख्या आदि विवरण 10 जून तक उपलब्ध कराएं।

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