बदायूं : प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्रों को उनके मूल
विद्यालय भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सभी विकास
क्षेत्रों के खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षामित्रों
के आवेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कर दिए हैं।
शनिवार
को अवकाश दिन आवेदनों की छंटाई की गई। पूरे जिले से 1022 शिक्षामित्रों ने
आवेदन किया है।
सुप्रीम कोर्ट के समायोजन निरस्त करने के बाद दूर-दराज के विद्यालयों
में जाने में शिक्षामित्रों को परेशानी हो रही थी। उन्होंने शासन से उनके
मूल विद्यालय भेजने की मांग की तो मूल विद्यालय भेजने के लिए आवेदन मांगा
गया। प्रक्रिया पांच अगस्त तक पूरी की जानी थी, लेकिन खंड शिक्षा
अधिकारियों की लेटलतीफी से काम में विलंब हुआ। अवकाश के दिन भी कार्यालय
खोला गया। बीएसए कार्यालय में कुल आवेदनों की गिनती हुई। कंप्यूटर पर फीड
किया गया। जल्द ही रिक्त जगह की गणना करके उन्हें मूल विद्यालय भेजने की
प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इंसेट..
गलती की वजह से नहीं मिलेगा मूल विद्यालय
शासनादेश के अनुसार आवेदन करने पर गर्भवती और महिलाओं को उनके ससुराल
के साइड का विद्यालय दिया जाना था। जिसके लिए पति का मूल निवास भी लगाया
जाना अनिवार्य था। कई महिला शिक्षामित्रों ने आवेदन के साथ मूल निवासी नहीं
लगाया। जिसकी वजह से उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य
शिक्षामित्रों ने भी जरुरी प्रमाण पत्र नहीं लगाए हैं। ऐसे शिक्षामित्रों
को उनका मूल विद्यालय नहीं मिल पाएगा।
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