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रजिस्टर पर उपस्थित, स्कूल से गुरुजी नदारद

तंबौर (सीतापुर) : कटान प्रभावित इलाके के बच्चों की शिक्षा को शिक्षकों की मनमानी प्रभावित कर रही है। शिक्षक स्कूल में कम कागजों पर नजर आने में अधिक ध्यान दे रहे हैं।
बच्चों की उपस्थिति से भी उन्हें कोई मतलब नहीं। इस इलाके के अधिकांश स्कूलों में छात्रों की हाजिरी 40 प्रतिशत भी नहीं हो रही। बुधवार को दैनिक जागरण की पड़ताल में बाढ़ क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा भगवान भरोसे ही दिखी।
समय 11 बजे - प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर में शिक्षक बिल्लू सिंह, राजेन्द्र प्रताप व शिक्षामित्र इजहार अहमद बच्चों को पढ़ा रहे थे। स्कूल में 128 छात्र पंजीकृत हैं, जिसमें से महज 12 छात्र ही आए थे।

समय 11:45 बजे - विकास खंड बेहटा के प्राथमिक विद्यालय लखनीपुर में बच्चे बाहर खेल रहे थे। सहायक अध्यापक पंकज कुमार मौजूद थे। प्रधानाध्यापक जमुना सागर रजिस्टर में तो उपस्थित थे। लेकिन स्कूल में नहीं थे। स्कूल में तैनात शिक्षामित्र भी नहीं आए थे। स्कूल के पास मौजूद ग्रामीणों काशीराम, हीरालाल, रामू के अनुसार अकेले सहायक अध्यापक ही स्कूल में नजर आते हैं।
बोले प्रभारी, धान उठवाने गए हैं छात्र
बेहटा क्षेत्र के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय मानपुर मल्लापुर में महज 12 बच्चों की उपस्थिति के बारे में इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने कहा कि, इस समय धान की कटाई हो रही है। बच्चे अभिभावकों के साथ धान उठवाने जाते हैं। स्कूल में 115 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल में बना शौचालय एक वर्ष से बदहाल पड़ा है। प्राथमिक विद्यालय मानपुर मल्लापुर में नामांकित 170 बच्चों में महज 30 छात्र ही आए थे। स्कूल में सात शिक्षकों की तैनाती है। प्राथमिक विद्यालय चंदीभानपुर में प्रधानाध्यापक कपिल वर्मा नहीं आए थे। सहायक अध्यापक रामजी राम ने दो अन्य शिक्षकों के अवकाश पर होने की जानकारी दी। विद्यालय में महज 26 छात्र ही मौजूद थे। हाजिरी लगाकर नदारद रहने वाले प्रधानाध्यापक के मामले की जांच कराई जाएगी। स्कूलों का औचक निरीक्षण होगा। नदारद मिलने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


रणजीत कुमार, बीईओ बेहटा

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