नागरिक शास्त्र प्रवक्ता के 30 जून, 1998 को सेवानिवृत्त होने पर पद खाली हुआ। इसका अधियाचन बोर्ड को नहीं भेजा गया। प्रबंध समिति ने स्वयं विज्ञापन निकाला और याची की नियुक्ति कर ली। याची ने 30 अगस्त, 1998 को ज्वाइन भी कर लिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड एक्ट 1982 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश को चुनौती दी गई। हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इन्कार कर याचिका खारिज कर दी। उसे अपील में चुनौती दी गई है। याची का कहना था कि बोर्ड से नियुक्ति नहीं होने पर प्रबंध समिति को नियुक्ति का अधिकार है।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
- 12460 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के संबंध में मान्य उच्च न्यायालय में सिविल अपील संख्या 4131/2024 उमेश चंद्र व अन्य बनाम
- 2004 में शिक्षामित्रों की नियुक्तियों हेतु जारी विज्ञप्ति: इसी विज्ञप्ति के आधार पर हुआ था शिक्षामित्रों की का चयन
- मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का पोर्टल चल गया है कृपया आप सभी रजिस्ट्रेशन करना प्रारंभ कर दें।
- कीर्ति गौतम बनी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की सचिव
Govt Jobs : Opening
प्रबंध समिति को स्थायी अध्यापक की नियुक्ति का अधिकार नहीं
प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि विहित कानूनी प्रक्रिया के तहत खाली पद भरने का अधियाचन भेजे बगैर कालेज प्रबंध समिति द्वारा स्थायी पद पर की गई नियुक्ति शून्य मानी जाएगी। कोर्ट ने छह अक्टूबर, 2021 को एकलपीठ द्वारा याचिका निरस्त करने संबंधी आदेश के खिलाफ विशेष अपील खारिज कर दी है। याचिका में जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज के नियुक्ति को मान्यता नहीं देने को चुनौती दी गई थी। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी व न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने कृष्ण मोहन तिवारी की विशेष अपील पर दिया है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें