Rampur Teacher Protest 2026: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में परिषदीय शिक्षकों ने शिक्षक समायोजन नीति के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग पर मनमानी और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया।
✊ शिक्षक समायोजन विवाद क्यों बढ़ा?
शिक्षकों का कहना है कि उन्हें हाल ही में एक विद्यालय में तैनाती दी गई थी, इसके बावजूद बिना पारदर्शी प्रक्रिया के दोबारा समायोजन कर दिया गया।
यह प्रक्रिया ना तो ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से हुई और ना ही शिक्षकों की सहमति ली गई।
🏫 100 से अधिक स्कूल प्रभावित
इस समायोजन प्रक्रिया से 100 से ज्यादा सरकारी प्राथमिक विद्यालय और 117 से अधिक शिक्षक प्रभावित हुए हैं।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि—
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शिक्षक ट्रांसफर नियमों का पालन नहीं किया गया
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चयन प्रक्रिया क्लोज्ड रूम सिस्टम में पूरी की गई
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योग्य शिक्षकों को दूरस्थ विद्यालयों में भेजा गया
📢 शिक्षकों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी—
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मौजूदा शिक्षक समायोजन आदेश रद्द किया जाए
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पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और मेरिट आधारित हो
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UP Teacher Transfer Policy को सख्ती से लागू किया जाए
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भविष्य में बिना सहमति समायोजन न किया जाए
🏛️ बेसिक शिक्षा विभाग पर सवाल
इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग, सरकारी शिक्षक भर्ती, और शिक्षा प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा।
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🔍 निष्कर्ष
रामपुर में हुआ यह प्रदर्शन संकेत देता है कि शिक्षक समायोजन 2026 एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। यदि समय रहते पारदर्शी निर्णय नहीं लिए गए, तो इसका असर UP Education System, छात्रों की पढ़ाई और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर पड़ेगा।