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UP B.Ed सहायक अध्यापकों के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य, 3 से 6 वर्ष के बच्चों को पढ़ाने की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

UP Primary Teacher News | B.Ed Bridge Course Update | NIOS NCTE NEP 2020

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में बीएड योग्यता के आधार पर चयनित 32 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब इन शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के दौरान 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पढ़ाने का विशेष प्रशिक्षण लेना होगा।

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लिया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा संचालित 6 माह का विशेष ब्रिज कोर्स अनिवार्य किया गया है। इस कोर्स के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 19 जनवरी निर्धारित की गई है।


किन शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स जरूरी?

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार यह ब्रिज कोर्स उन बीएड अर्हताधारी सहायक अध्यापकों के लिए अनिवार्य है—

  • जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 के बाद

  • और 11 अगस्त 2023 से पहले

  • परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में हुई है

इन शिक्षकों को प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने की योग्यता को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप अपडेट करना आवश्यक माना गया है।


NIOS ब्रिज कोर्स क्या है?

  • अवधि: 6 माह

  • संचालक: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS)

  • मान्यता: राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE)

  • मान्यता तिथि: 2 जुलाई 2025

यह ब्रिज कोर्स पहले के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अलग है, क्योंकि इसमें NEP 2020 की सिफारिशों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।


NEP 2020 और 3 से 6 वर्ष की शिक्षा पर फोकस

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत:

  • पुरानी 10+2 शिक्षा प्रणाली को बदलकर

  • नई 5+3+3+4 शिक्षा संरचना लागू की गई है

  • इसमें 3 से 6 वर्ष की आयु (Early Childhood Education) को औपचारिक शिक्षा का अहम हिस्सा माना गया है

इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए:

  • खेल आधारित शिक्षा

  • गतिविधि आधारित लर्निंग

  • अनुभव आधारित शिक्षण पद्धति

पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि बच्चों की मानसिक, सामाजिक और शैक्षिक नींव मजबूत हो सके।


ब्रिज कोर्स में क्या सिखाया जाएगा?

शिक्षा विशेषज्ञ राहुल पांडे ‘अविचल’ के अनुसार, इस ब्रिज कोर्स में—

  • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE)

  • 3 से 6 वर्ष के बच्चों की मनोवैज्ञानिक समझ

  • खेल व गतिविधि आधारित शिक्षण तकनीक

  • NEP 2020 आधारित शिक्षण पद्धति

का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे बीएड शिक्षक प्राथमिक स्तर के अनुरूप दक्ष बन सकें।


शिक्षकों के लिए क्यों जरूरी है यह कोर्स?

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन

  • सेवा में बने रहने के लिए अनिवार्यता

  • NEP 2020 के अनुरूप शिक्षण क्षमता विकसित करना

  • भविष्य की पदोन्नति व सेवा सुरक्षा के लिए आवश्यक

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