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राज्य कर्मियों को करना होगा डीए का इंतजार,केंद्र सरकार द्वारा ही विलंब होने के कारण राज्य में अमल की प्रक्रिया अगले माह शुरू होने की उम्मीद

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : राज्य कर्मचारियों को जुलाई से लंबित महंगाई भत्ते (डीए) के लिए अभी इंतजार करना होगा। हर साल दीपावली से पहले इसकी घोषणा हो जाती थी, पर इस बार केंद्र सरकार द्वारा ही विलंब होने के कारण राज्य में अमल की प्रक्रिया अगले माह शुरू होने की उम्मीद है।
इससे प्रदेश के तीस लाख से अधिक कर्मचारी, शिक्षक व पेंशनर प्रभावित होंगे। कर्मचारियों को साल में दो बार जनवरी व जुलाई में महंगाई भत्ता मिलता है।
पिछले वर्ष के अंत तक कर्मचारियों की 119 फीसद महंगाई भत्ता देय था। इस वर्ष जनवरी से महंगाई भत्ते में छह फीसद की वृद्धि कर दिए जाने के बाद से उन्हें 125 फीसद महंगाई भत्ता मिल रहा है। राज्य कर्मचारी संगठनों व सरकार के बीच समझौते के अनुसार प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के बराबर वेतन-भत्ते व अन्य सुविधाएं देती है। सामान्यत: जुलाई से मिलने वाला महंगाई भत्ते की घोषणा हर हाल में दीपावली से पहले हो जाती रही है। इस बार केंद्र सरकार ने ही महंगाई भत्ते की घोषणा बहुत विलंब से (27 अक्टूबर को) की है। ऐसे में राज्य कर्मचारियों के लिए डीए घोषणा में और विलंब होगा। माना जा रहा है कि नवंबर में इस पर फैसला हो सकेगा और अमल होते-होते दिसंबर तो हो ही जाएगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव (वित्त) डॉ.अनूप चंद्र पांडेय का कहना है कि केंद्र सरकार का आदेश आने के बाद प्रक्रियानुरूप काम किया जाएगा। कोशिश होगी कि जल्दी से जल्दी कर्मचारियों को उनके निर्धारित देयों का लाभ मिल सके।
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कितना डीए मिलेगा : केंद्र द्वारा अपने कर्मचारियों को दो फीसद डीए की घोषणा के बाद प्रदेश में डीए को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि केंद्र ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें स्वीकार कर मूल वेतन में 125 फीसद डीए जोड़ दिया है। ऐसे में दो फीसद डीए पुराने मूल वेतन के हिसाब से पांच फीसद के आसपास पहुंचता है। मांग हो रही है कि राज्य कर्मचारियों के लिए अभी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं होने के कारण उन्हें कम से कम पांच फीसद डीए दिया जाए।
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