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शिक्षामित्रों का उग्र प्रदर्शन, रोकी ट्रेन: समायोजन रद्द और 10 हजार मानदेय के कारण बौखलाए शिक्षामित्र

इलाहाबाद : सरकार की वादाखिलाफी से नाराज शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को उग्र प्रदर्शन किया। दोपहर दो बजे के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने प्रयाग स्टेशन का रुख किया। यहां पर खड़ी मालगाड़ी और सवारी गाड़ी को
आधा घंटे से ज्यादा रोके रखा गया। पटरी पर लेटकर प्रदर्शन किया।
इसके पूर्व शिक्षामित्रों के समूह को कमिश्नर के आवास के पास गिरफ्तार करने की कोशिश की गई। 1संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वावधान में सैकड़ों की संख्या सदस्यों ने अपनी मांग पुरजोर तरीके से उठाई। शिक्षामित्रों को उनके मूलपद पर भेजे जाने और वेतन के स्थान पर मानदेय दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन का क्रम शुक्रवार को जारी रहा। सुबह 11 बजे सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय पर जुटे शिक्षामित्रों ने सरकार की नीतियों को जमकर कोसा। शिक्षामित्रों का कहना है कि उनके मूलपद पर भेजने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने विधि परामर्श लेने की बात कही थी। परन्तु राज्य सरकार ने उन्हें दस हजार महीने का मानदेय पर उनके मूल पदों पर वापस भेज दिया। इसका प्रदेश स्तर पर विरोध किया जाएगा। संघ के जिलाध्यक्ष अश्विनी त्रिपाठी ने बताया कि सर्वशिक्षा अभियान में भाषण के बाद शिक्षामित्रों का हुजूम कमिश्नर निवास की ओर बढ़ा। वहां पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस और शिक्षामित्रों में धक्का मुक्की होने लगी। पुलिस ने उन्हें खदेड़ना शुरू किया। इसके बाद पुलिस ने शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर गाड़ी मे बिठाना शुरू किया। महिला शिक्षामित्रों ने गाड़ी में बैठने से मना कर दिया। इसके बाद इनका हुजूम प्रयाग स्टेशन की ओर बढ़ा। यहां पर खड़ी सवारी और मालगाड़ी को रोक दिया। इससे आधे घंटे से अधिक ट्रैक बाधित रहा। यहां पर जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए गए। शिक्षामित्रों को प्रतिमाह दस हजार रुपये प्रदान करने की बात को सिरे से नकार दिया गया। इसे सरकार का अन्यायपूर्ण कदम बताया। इस निर्णय को शिक्षामित्रों की भावनाएं आहत करने वाला बताया। सभी ने एक स्वर में सरकार के फैसले का विरोध किया। भीषण गर्मी के कारण कई शिक्षामित्रों की हाल खराब हुई, कई बेहोश हो गए। प्रयाग स्टेशन पर आधा घंटा प्रदर्शन के बाद वापस लौट आए। गिरफ्तार शिक्षामित्रों को पुलिस लाइंस ले जाया गया। जहां निजी मुचलके पर शाम पांच बजे सभी को छोड़ दिया गया। प्रदर्शन में जिलामंत्री अरुण सिंह, जिलामंत्री जनार्दन पांडेय, अरुण सिंह, विनय सिंह, जगदीश केशरी, कौशलेश सिंह, अब्दुल मुकीत मो. अख्तर, विनय पांडेय, वंदना सरोज, शिवपूजन सिंह आदि थे।
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