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आम शिक्षामित्रों के लिए विशेष जानकारी व आग्रह:जिला मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता आदर्श समायोजित शिक्षक एसोशिएन, जिला इकाई, इलाहाबाद

*आम शिक्षामित्रों के लिए विशेष जानकारी व आग्रह*:-

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मित्रों, हमारे, जितने बहुतायत संख्या में, शिक्षामित्र भाई बहनें नई दिल्ली के जन्तर मंतर पर महाआंदोलन करने हेतु गए हुए हैं.. हम उन्हें,इनके जज्बे को शत शत ह्रदय से नमन करते हैं..
जो साथी, नहीं गये हुए हैं, उन्हें भी, उनके कायरपन का नमन करता हूँ... एवं जो अस्वस्थता के कारण नहीं गए हैं, उनके साथ, हमारी संवेदनाएं हैं..
आज जो भी, हमें, कुछ शिक्षामित्रों के हित में, पाने की उम्मीद बंधी हुई हैं...वह नई दिल्ली के जन्तर मंतर पर महाआंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों की तरफ से, इन सभी की, जितनी भी, तारीफ़ की जाए, उतना ही न्यून है....
मित्रों, जैसा कि कल दिनांक - 13 सितम्बर को, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद, ने.. प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों को, उपस्थित के आधार पर, मानदेय देने हेतु सभी बीएसए को आदेश दिया है...
मित्रों, उक्त मूर्ख सचिव का आदेश, कितना मूर्खतापूर्ण हैं.. आदेश पढ़ने से, स्पष्ट हो जाता है..
जैसा कि.. अभी सभी  समायोजित शिक्षकों/शिक्षामित्रों का प्रकरण पूर्ण रूप से, सुप्रीम कोर्ट से निस्तारित नहीं हो पाया है.. 25 जुलाई के आदेश को शिक्षामित्रो के शीर्ष नेतृत्व संगठन की तरफ से, पुनर्विचार में, पुनः सुनने के लिए अनुरोध किया गया है ...जो अति शीघ्र सुनवाई होने वाली है तथा माना कि पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाती है तो, उक्त प्रकरण को, नव नियुक्त मुख्य न्यायाधीश श्री दीपक मिश्रा जी की अध्यक्षता में, संविधान पीठ में, यह प्रकरण.. शिक्षामित्रों के संगठनों की तरफ से ले जाया, जाएगा...
उक्त विचाराधीन स्थिति में, जब तक, अन्तिम रुप से, सुप्रीम कोर्ट में, सभी स्टेप पर, खारिज नहीं हो जाता है, जब तक, समायोजित शिक्षकों/ शिक्षामित्रों के लिए योगी सरकार न मानदेय देने हेतु शासनादेश निर्गत कर सकती है.. और न ही, बिना निर्धारित हुए बीएसए मानदेय देने व कटने का आदेश दे सकते हैं..
अतएव कल दिनांक - 13 सितम्बर को, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद.. का,शिक्षामित्रों के लिए, विचाराधीन स्थिति में, आदेश करना, मूर्खतापूर्ण व विधिसम्मत के विरुद्ध है, उक्त आदेश को भी, आगामी सुप्रीम कोर्ट की होने वाली सुनवाई में, सचिव के इस आदेश को दिखाकर, कोर्ट अवमानना की जा सकती है.. क्योंकि जब तक, शिक्षामित्रों का प्रकरण, पूरी तरह से, सुप्रीम कोर्ट से, समाप्त नहीं हो जाता है, तब तक, यह न तो, आपको स. अ. के पद से शिक्षामित्र के पद पर नियोजित कर सकते हैं और न ही आपको मानदेय देने व काटने का शासनादेश नियमतः जारी हो सकता हैं...
*अत : सभी शिक्षामित्रों से अनुरोध है कि आप सभी लोग, अपने शीर्ष नेतृत्व संगठनों के निर्देशानुसार साथ दे, एवं उनके अनुसार संघर्ष करते रहे.. आप सभी की वांछित मांग अवश्य पूरी होगी*.
*विभागीय, जो भी आदेश हो रहे हैं. यह सब, आप सभी लोगो को भयभीत करने व आंदोलन को कुचलने की दूषित मानसिकता से अधिकारी कर रहे हैं*...
उक्त जानकारी व आग्रह के साथ
*शिक्षामित्र एकता जिंदाबाद*
*प्रदीप पाल*
जिला मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता
*आदर्श समायोजित शिक्षक एसोशिएन, जिला इकाई, इलाहाबाद*
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