इलाहाबाद : सहायक अध्यापक भर्ती 2011 में चयनित होने के बाद परिषदीय
स्कूलों में मौलिक नियुक्ति की मांग कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों ने सिविल
लाइंस में भिक्षा मांग कर सरकार से अपना विरोध जताया। एक दिन पहले ही
इन प्रशिक्षु शिक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाई थी।
शिक्षकों ने इस प्रदर्शन में यह दिखाने का प्रयास किया कि सत्यापन के नाम
पर शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा हो चुके हैं ऐसे में कहीं दूसरी जगह नौकरी की
मांग नहीं कर सकते, लिहाजा जीवन गुजारे के लिए भिक्षा मांगने की नौबत आ गई
है।
प्रशिक्षु शिक्षक संघर्ष मोर्चा का आंदोलन कई दिन से शिक्षा निदेशालय पर
जारी है। अध्यक्ष संदीप पांडेय का कहना है कि प्राइवेट नौकरी छोड़कर
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती 2011 के अंतर्गत दिसंबर 2016 में छह महीने का
प्रशिक्षण लिया। इस दौरान 7300 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिला। नियमानुसार
प्रशिक्षण पूरा होने के एक महीने के अंदर मूलरूप से सहायक अध्यापक के
निर्धारित वेतनमान पर नियुक्ति मिलनी चाहिए थी, जबकि पांच महीने हो चुके
हैं, मौलिक नियुक्ति के संबंध में प्रक्रिया शासन में लंबित है। कहा कि
मानदेय खर्च हो चुका है, दैनिक गुजारे के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है।
इसलिए भिक्षा मांगने को विवश हो गए हैं। भिक्षा मांगने के प्रदर्शन के
दौरान भोजराज सिंह, अनिल यादव, ज्योति गोस्वामी, कल्पना, सुनीता, परशुराम
शर्मा और भंवर सिंह सहित करीब तीन सैकड़ा प्रशिक्षु शिक्षक शामिल रहे।
sponsored links:
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें