*रबीअ "बहार": क्या होती है क्यूरेटिव पिटीशन*
- सुप्रीम कोर्ट के जज भी गलती कर सकते हैं। ऐसे में यदि कोर्ट के अंतिम फैसले में कोई गलती रह गई तो क्या उसका नतीजा बेकसूर भुगतेंगे?
- जब यह सवाल 2002 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान बेंच के सामने आया तो उसने क्यूरेटिव पिटीशन यानी सुधार याचिका की व्यवस्था दी।
- रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा मामले में पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया।
- सरल शब्दों में संविधान के सेक्शन 137 के तहत दाखिल रिव्यू पिटीशन के खारिज होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट से फैसले को रिव्यू करने की गुजारिश की जा सकती है।
- यह व्यवस्था तत्कालीन चीफ जस्टिस एसपी भरूचा, जस्टिस सैयद मोहम्मद कादरी, जस्टिस यूसी बनर्जी, जस्टिस एसएन वरियावा और जस्टिस शिवराज वी. पाटिल की संविधान बेंच ने दी थी।
क्यूरेटिव पिटीशन का प्रॉसेस
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 30 दिन के भीतर रिव्यू पिटीशन दाखिल की जा सकती है। लेकिन क्यूरेटिव पिटीशन के लिए समय सीमा नहीं है।
- क्यूरेटिव पिटीशन कोई सीनियर एडवोकेट ही दाखिल कर सकता है। याचिका सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट के तीन सबसे सीनियर जजों की बेंच के पास जाती है।
*- अगर बेंच को लगता है कि याचिका में उठाए गए मुद्दे वाजिब हैं तो वह सुनवाई के लिए उसे मंजूर कर सकते हैं। अन्यथा चैम्बर से ही आदेश पारित कर दिया जाता है।*
- रिव्यू पिटीशन फाइल करने के कुछ नियम भी हैं जिसे याचिकाकर्ता को मानना पड़ता है, याचिकाकर्ता को अपने क्यूरेटिव पिटीशन में ये बताना ज़रूरी होता है कि आख़िर वो किस आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती कर रहा है।
*ये क्यूरेटिव पिटीशन किसी सीनियर वकील द्वारा सर्टिफाइड होना ज़रूरी होता है,* जिसके बाद इस पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट के तीन सीनियर मोस्ट जजों और जिन जजों ने फैसला सुनाया था उसके पास भी भेजा जाना ज़रूरी होता है। *अगर इस बेंच के ज़्यादातर जज इस बात से इत्तिफाक़ रखते हैं कि मामले की दोबारा सुनवाई होनी चाहिए तब क्यूरेटिव पिटीशन को वापिस उन्हीं जजों के पास भेज दिया जाता है।*
अन्यथा-
*सर्वोच्च न्यायालय में जो उपचारात्मक याचिकाएं दाखिल की गईं होती हैं उनपे विचार करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ के गठन का फैसला लिया जाता है*
sponsored links:
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- शिक्षामित्र स्थानांतरण 2026: आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि, नियम और नई गाइडलाइन
- 📰 TET अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
- 🔥 वरिष्ठता सूची नियम 2026: प्राथमिक शिक्षकों की वरिष्ठता कैसे तय होगी? पूरी जानकारी
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें